ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ समाचार पत्र की मेहनत रंग लाई : बंद होंगे हुक्का पार्लर।
गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में हुक्का पार्लर पर प्रतिबंध,"१ लाख का जुर्माना या फिर तीन साल की जेल"
१२.०७.२०१६ को ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ समाचार पत्र के संपादक असग़र शाह ने महारष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था और महाराष्ट्र के मुंबई शहर में चल रहे हुक्के पार्लरों को बंद कराने की मांग की थी जिस के बाद अब २०१८ में मुंबई में हुक्का पार्लरों पर प्रतिबंध लगा है ।
यदि यह फैसला भाजपा सरकार पहले लेती तो शायद कमला मील में लगी आग में १४ लोग नहीं मरते । गोरेगाव के आर .एस.हुक्का पार्लर में एक युवा अपनी जान ना गवांता देर से ही सही आखिरकार सरकार की आँख खुली और राज्य में हुक्के पार्लरों पर प्रतिबंध लगा है।
अब देखने वाली बात यह होगी की मुंबई में जो लोग अपने फायदे के लिए डिस्को पब .रेस्टुरेंट या निजी जगहों पे हुक्का चला रहे है जिन से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है और आये दिन कोई ना कोई जुर्म हो रहा है उन पर मुंबई पुलिस कितनी तेज़ी से कार्यवाही करेगी ।
हुक्का पार्लर चलाना एक दंडनिय अपराध होगा ।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अप्रैल में राज्य विधायिक के दोनों सदनों द्वारा पारित बिल को मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी की। अधिसूचना जारी होने के बाद अब पूरे राज्य में हुक्का पार्लर चलाना और हुक्का रखना एक दंडनिय अपराध होगा। संशोधित सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों (विज्ञापन और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण) अधिनियम COPTA ACT (सीओटीपीए) के विनियमन के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर १ लाख का जुर्माना या फिर तीन साल की जेल होगी।
महाराष्ट्र से पहले गुजरात ने भी हुक्का पार्लरों पर प्रतिबंध लगाया है जो हुक्का पर प्रतिबंध लगानेवाला भारत का पहला राज्य है।
