आधार को वोटर ID से जोड़ा जाएगा : रावत
नई दिल्लीः चुनाव आयोग के लिए मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) को आधार से जोड़ने और अपराधियों को चुनाव लड़ने से रोकने के उपाय तेज करने का रास्ता साफ हो गया है। रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लागू करने के बारे में बताया कि निर्वाचन आयोग के सचिवालय को कोर्ट के दोनों फैसलों का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। आधार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैध करार देने के बाद इसे वोटर आईडी से जोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘कोर्ट में आधार का मामला विचाराधीन होने के कारण इस प्रोजेक्ट को रोकना पड़ा था। अब फैसले के अध्ययन के बाद कोर्ट के आदेशानुसार इसे फिर से शुरू किया जा सकेगा।’
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में उम्मीदवारों को उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं तक पहुंचाने को कहा है। आधार से मतदाता पहचान पत्र को जोड़ने की योजना के बारे में रावत ने बताया कि आयोग अदालत के फैसले के अनुरूप इस योजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। रावत ने कहा कि अगस्त 2015 में आधार की वैधता से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के कारण इस योजना को रोके जाने तक लगभग 33 करोड़ मतदाता पहचान पत्र आधार से जोड़े जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने कहा है कि सोशल मीडिया कंपनियों ट्विटर और फेसबुक ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है कि प्रचार के दौरान चुनावों की शुचिता को प्रभावित करने वाली किसी भी चीज के लिए वे अपने प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। अब लोकसभा चुनावों से पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में बड़े स्तर पर इसे लागू किया जाएगा। रावत ने कहा कि चुनाव आयोग की एक समिति ने गूगल, फेसबुक और ट्विटर के रिजनल और लोकल चीफ को बुलाया था और उनसे पूछा था कि फर्जी खबरों से बचने के साथ भारतीय चुनावों की शुचिता के लिए वे क्या कर सकते हैं।
