खबरदार! आपकी गाड़ी भी फेंक दी जाएगी शहर के बाहर
विरार: वसई-विरार मनपा क्षेत्र में पार्किंग जोन
नहीं होने की वजह से अब तक सिर्फ वसई की जनता परेशान थी, पर अब यह समस्या मनपा और ट्रैफिक
पुलिस की फांस बन गई है। दरअसल, मुंबई उच्च न्यायालय ने सड़क किनारे पड़े लावारिस वाहनों
को हटाने और नो पार्किंग जोन में अवैध तरीके से खड़े करने वालों पर कार्रवाई का आदेश
दिया है।
वसई, नालासोपारा
व विरार की मुख्य सड़कों, गलियों और मोहल्लों तक में सड़क किनारे लोग वाहन पार्क कर
मुंबई या अन्य जगहों पर काम-काज के लिए चले जाते हैं। दुकानों के आगे की गई अवैध पार्किंग
से जहां दुकानदार परेशान हैं, वहीं ट्रैफिक विभाग भी हैरान है। दुकानों के आगे अवैध
पार्किंग हटाने के लिए लोग ट्रैफिक पुलिस को फोन करते हैं, लेकिन टोइंग वैन न होने
से कार्रवाई नहीं हो पाती।
आरटीआई से
मिली जानकारी के मुताबिक, 30 लाख आबादी वाली वसई-विरार मनपा के पास कई आरक्षित भूखंड
थे। जैसे पार्किंग, फेरीवाला जोन आदि, जो अब नहीं हैं। यहां मनपा के अधिकारियों व सत्तापक्ष
के नेताओं की मिलीभगत से सारे आरक्षित भूखंडों पर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो गईं। हालांकि
मनपा ने कागजों पर पार्किंग जोन बना रखे हैं। इस बारे में मनपा आयुक्त सतीश लोखंडे
ने कहा कि सड़क किनारे खड़ी लावारिस गाड़ियों को शहर के बाहर फेंका जाएगा। फेरीवाला जोन
न होने से दिक्कत बनी हुई है। सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी
न्यायालय
के आदेश के बाद वसई-विरार मनपा ने सभी 9 प्रभागों के सहायक आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों
में सड़क किनारे खड़े लावारिश वाहनों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के बाद सभी
सहायक आयुक्तों ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस की मदद मांगी है।
पुलिस को
चाहिए 10 टोइंग वैन
न्यायालय
के आदेश का पालन करते हुए पुलिस कार्रवाई में जुट गई है। वसई ट्रैफिक विभाग के पुलिस
निरीक्षक संपतराव पाटील ने कहा, ‘हमारे पास वाहनों को उठाने के लिए न तो टोइंग वैन
हैं, न वाहन रखने की जगह। हमने मनपा को पत्र लिखकर 10 टोइंग वैन और जगह मांगी है।’
फुटपाथ पर
बने गैराज भी रोड़ा
मनपा क्षेत्र
के फुटपाथों पर बने सैकड़ों अवैध गैराज ट्रैफिक की राह में रोड़ा हैं। वसई, नालासोपारा,
विरार की सड़क किनारे कई गैराज मनपा की अनुमति के बिना खुले हैं। यहां गाड़ियों की मरम्मत
सड़क पर की जाती है, जिससे सुबह-शाम ट्रैफिक जाम रहता है।
इस कार्रवाई
में मनपा प्रशासन की ओर से पुलिस की हर संभव मदद की जाएगी। रही बात पार्किंग जोन की,
तो लावारिस गाड़ियों को हम शहर के बाहर भेजेंगे।
न्यायालय
के आदेश का पालन अनिवार्य है। ट्रैफिक विभाग के पास टोइंग वैन और पार्किंग जोन नहीं
हैं।
खराब और
भंगार गाड़ियां कई सालों से सड़क किनारे पड़ी हैं। इससे हमारे व्यापार पर असर पड़ता है।
ग्राहकों को पार्किंग की जगह नहीं मिलती, जिससे वे वापस लौट जाते हैं।
