खुशखबरी: दिल्ली से मुंबई की दूरी कम करेगा एक्सप्रेसवे, सफर में लगेंगे महज 12 घंटे

नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। दिल्ली से मुम्बई सड़क मार्ग के जरिये जाने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुंबई ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट तय कर दिया है। इसके मुताबिक दिल्ली से मुंबई की सड़क दूरी लगभग 200 किलोमीटर कम हो जाएगी।

इसके चलते अब कार से 24 घंटे का सफर महज 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। एक्सप्रेस-वे की विशेषता यह है कि यह पांच राज्यों के अति पिछड़े व आदिवासी क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिससे वहां के लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली-मुम्बई ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट का अध्ययन पूरा कर लिया है। एक्सप्रेस-वे गुरुग्राम के राजीव चौक से शुरू होकर मेवात-कोटा-रतलाम-गोदरा-बड़ोदरा-सूरत-दहिसर होते हुए मुंबई में समाप्त होगा।

इसमें हरियाणा का मेवात व गुजरात का दाहोड़ देश के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार है। सूत्रों के मुताबिक गुरुग्राम से जयपुर रिंग रोड़ तक एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 8 के सामानंतर बनाया जाएगा। यहां से अलवर (हरियाणा) होते हुए आदिवासी क्षेत्र झबुआ-रतलाम-वड़ोदरा तक जाएगा।

जानकारी के मुताबिक एक्सप्रेस-वे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र के पिछड़े व आदिवासी क्षेत्र से होकर गुजरेगा। वर्तमान में दिल्ली-मुंबई की सड़क से 1450 किलोमीटर की दूर है। नए एक्सप्रेस-वे से यह दूरी घटकर 1250 रह जाएगी। 12 लेन चौड़ा एक्सप्रेस-वे सिग्नल फ्री होगा। इससे कार से 24 घंटे के बजाए 12 घंटे में दूरी तय की जा सकेगी।

वहीं, ट्रक 44 घंटे के बजाए 22 घंटे में अपना सफर तय कर सकेंगे। सरकार ने एक्सप्रेस-वे को 36 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा। पिछड़े व आदिवासी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण होने से सरकार के 16 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को रास्ते में पडऩे वाले शहरों को संपर्क मार्ग से जोड़ा जाएगा।

नई दिल्ली से मुम्बई के बीच प्रस्तावित नये एक्सप्रेसवे पर रास्ते में 17 स्थानों पर सड़क पर ही हवाई पट्टी बनायी जाएगी। इन हवाई पट्टियों पर यातायात को चंद मिनटों के लिए रोक कर विमानों को उतारा जाएगा या उन्हें उड़ान भरने दी जाएगी। इसके बाद यातायात चालू कर दिया जाएगा।

ऐसा प्रावधान भी है। इसके अलावा  नई दिल्ली के इस एक्सप्रेस-वे से नए औद्योगिक नगर भी जुड़ेंगे। यह नया एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) के बीचोंबीच से गुजरेगा और नये औद्योगिक नगर इस एक्सप्रेस-वे से जुड़ सकेंगे।