सोशल मीडिया पर बांग्लादेश का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है।
वीडियो में एक व्यक्ति, गुब्बारे बेच रहे एक छोटे बच्चे के गुब्बारे फोड़ देता है। उसका कहना है—
“काम छोड़ो, स्कूल जाओ, बचपन जियो।”
लेकिन जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, सोच और सच्चाई के बीच बड़ा हंगामा खड़ा हो गया।
कुछ लोगों ने इसे इंसानियत की मिसाल बताया,
तो कुछ ने बिना तथ्य-जांच के इसमें धर्म का ज़हर घोल दिया।
सवाल यह नहीं है कि गुब्बारे क्यों फोड़े गए,
सवाल यह है कि सच्चाई जाने बिना कोई भी नैरेटिव क्यों गढ़ा गया?
सोशल मीडिया पर भावनाओं से नहीं, बल्कि सत्यापन (वेरिफिकेशन) के साथ प्रतिक्रिया दें,
वरना सच्चाई दब जाती है और अफ़वाहें जीत जाती हैं।
