गोरेगांव में चीनी सामानों की प्रदर्शनी, व्यापारी संगठन भड़के
मुंबई, चीनी सेनाओं द्वारा तवांग में अवैध घुसपैठ का मामला इन दिनों एक बार फिर गरमाया हुआ है। इस घुसपैठ के बीच भारतीय सेना के साथ चीनी सैनिकों ने सरहद पर झड़प भी की, जिसका जवाब भारतीय सेना ने बखूबी दिया है। एक तरफ सरहद पर चीन की चाइयांगीरी जारी है, वहीं ‘ईडी’ सरकार ने गोरेगांव में चीनी सामानों की प्रदर्शनी लगा रखी है, जिसे लेकर व्यापारी संगठन सरकार पर भड़क गए हैं। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इस प्रदर्शनी को तुरंत बंद करने की मांग ‘ईडी’ सरकार के मुख्यमंत्री से की है।
वैâट के महाराष्ट्र प्रदेश के महामंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा, चीन की सेनाओं द्वारा अरुणाचल प्रदेश के तवांग में अवैध घुसपैठ की कोशिशों का ‘कैट’ कड़ा विरोध करता है। वैâट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि १३ दिसंबर से मुंबई के गोरेगांव में लगी चीनी उत्पादों की प्रदर्शनी तुरंत बंद कराई जाए। एक तरफ चीन भारत की सीमा पर घुसपैठ करते हुए भारत में प्रवेश करना चाहता है तो वहीं दूसरी तरफ चीनी कंपनियां भारत में अपना माल बेचकर भारत को आर्थिक रूप से बड़ी चोट पहुंचाना चाहती हैं। चीन के इस घिनौने षड्यंत्र को रोकना बेहद जरूरी है। कैट के महाराष्ट्र वरिष्ठ अध्यक्ष महेश बखाई ने कहा कि इसके पहले भी चीन ने गलवान घाटी में ऐसी हरकत की थी, जिसका करारा जवाब हमारी सेना ने दिया था और उसके बाद देशभर के व्यापारियों ने चीनी सामानों का बहिष्कार कर आर्थिक मोर्चे पर बड़ी चपत लगाई थी। इस बार भी हम देशभर में जन जागरण कर चीन द्वारा निर्मित वस्तुओं का विरोध कर सबक सिखाएंगे। कैट के महानगर अध्यक्ष दिलीप माहेश्वरी ने कहा कि चीन एक तरफ सरहदों पर नापाक हरकतें करता है और दूसरी तरफ हमारे देश में खुद के सामानों को बेचने के लिए प्रदर्शनी लगाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करता है। ऐसी दोगली नीति अब नहीं चलेगी। चीन या तो भारत में अपने उत्पादों को बेचना बंद करे या सरहदों पर नापाक हरकतें।
