खौफनाक वर्चुअल रियलिटी गेम

मुंबई, गेमिंग इंडस्ट्री लगातार बदलती रहती है। अब एक नई रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। ऑकुलस रिफ्ट के फाउंडर और डिजाइनर पाल्मेर लकी ने अपने लेटेस्ट वर्चुअल रियलिटी (वीआर) मास्टरपीस के बारे में जानकारी दी है। इसको लेकर बताया गया है कि अगर आप गेम में मरते हैं तो आप रियल लाइफ में भी मर जाएंगे। ये वीआर हेडसेट काफी पावरफुल रहेगा। उन्होंने अपने ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी है कि इस पर आधा काम हो चुका है। इसको उन्होंने ‘नर्वगियर’ नाम दिया है। ये एक नॉर्मल ‘वीआर’ की तरह होगा, जिसमें तीन एक्सप्लोसिव चार्ज तक हो सकते हैं। इन चार्ज को फोटोसेंसर से फिट किया जाएगा। इससे खिलाड़ी जैसे ही गेम में मरेगा, रियल लाइफ में भी उसकी मौत हो जाएगी। ये एक्सप्लोसिव तब एक्टिवेट होंगे जब किसी खास फ्रीक्वेंसी में स्क्रीन पर रेड फ्लैश होगी। इसको गेम डिजाइनर गेम के हिसाब से डिजाइन कर सकते हैं। पल्मेर लकी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी है कि रियल लाइफ को वर्चुअल अवतार से जोड़ने का आइडिया हमेशा से उन्हें आकर्षित करता रहा है। आप दांव को मैक्सिमम लेवल तक ले जाते हैं और लोगों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि वो वर्चुअल वर्ल्ड और इसमें मौजूद प्लेयर्स से कैसे इंटरैक्ट करते हैं। वो आगे बताते हैं कि ग्राफिक्स बेहतर करने से गेम ज्यादा रियल लग सकता है। लेकिन गंभीर परिणामों का खतरा ही आपको और गेम के हर दूसरे व्यक्ति को वास्तविक महसूस करा सकता है। गेमिंग के लंबे इतिहास में ये एक ऐसा एरिया है जिसे कभी एक्सप्लोर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी भी अभी तक इसको यूज करने की हिम्मत नहीं हुई है। उन्होंने आगे बताया कि ये परफेक्ट सिस्टम नहीं है। उनके पास एंटी-टैम्पर मैकेनिज्म को लेकर भी प्लान है। वो इसको ऐसा बनाना चाहते हैं कि ‘वीआर’ हेडसेट को रिमूव करना या नष्ट करना असंभव हो। उन्होंने कहा कि ये ‘वीआर’ हेडसेट अभी केवल आर्ट का एक पीस है लेकिन ये पहला ‘वीआर’ डिवाइस है जो फिक्शन से अलग लोगों को मारने की क्षमता रखता है। उनका दावा है कि ये आखिरी नहीं होगा। इस वीआर को को लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे खतरनाक ‘वीआर’ को बैन करने पर सरकार को सोचना चाहिए।