१३ से १५ अगस्त के बीच `हर घर तिरंगा’ : कारखानों से डिमांड पूरी नहीं हो पा रही
मुंबई, केंद्र सरकार की आजादी के अमृत महोत्सव पर १३ से १५ अगस्त के बीच `हर घर तिरंगा’ फहराने की योजना है। वेंâद्र सरकार के आदेश के बाद देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि १५ अगस्त के दिन हर घर तिरंगा फहराया जाए लेकिन सरकार का यह प्रयास असफल होता हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ झंडे की कीमतों पर महंगाई की मार देखी जा रही है तो वही झंडे लगाने के लिए डंडों की कमी महसूस हो रही है। इस महंगाई को लेकर जनता केंद्र सरकार से सवाल पूछ रही है कि झंडे पर महंगाई छाई है, आखिर तिरंगा कइसे लहराई?
बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव पर १३ से १५ अगस्त के बीच `हर घर तिरंगा’ अभियान की घोषणा के बाद हर तरफ तिरंगे की डिमांड बढ़ी है। लेकिन जरूरत के अनुसार सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण तिरंगा बनाने वाले कारखानों में डिमांड पूरी नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही अब कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कीमतों में बढ़ोतरी भी हुई है। इस अभियान में शामिल होने के लिए नागरिक खरीदारी भी कर रहे हैं, लेकिन महंगाई की शिकायत भी कर रहे हैं। वाशी के व्यापारी ओमकार ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार तिरंगे की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से तिरंगे की कमी भी चल रही है। तिरंगा बनाने वाले दो फ्लैग के मालिक दलवीर सींग नेगी ने बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन इस वर्ष डिमांड भी अधिक है। हर साल ६० हजार से १० लाख झंडों की बिक्री होती थी लेकिन इस साल अभी तक वो २५ लाख झंडे भेज चुके है।
