गोंदिया : बढ़े दामों ने बढ़ाई मुश्किलें, प्रशासन की अनदेखी
गोंदिया : जैसे-जैसे लॉकडाउन के दिन बीत रहे हैं, ठीक उसी तरह किराना दूकानों की सामग्रियां भी कम होती जा रहीं हैं. इसी का लाभ उठाते हुए इन दिनों किराना सामग्रियों के दामों में वृद्धि कर दी गई है. आम नागरिकों को विभिन्न प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार द्वारा समय-समय दिशा-निर्देश जारी करने के बाद भी स्थानीय प्रशासन की ओर से संबंधित किराना दूकान धारकों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में असंतोष की लहर निर्माण होने लगी है.
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है. आगामी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन जारी रहेगा. इस अवधि में आम नागरिकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने जीवनावश्यक सामग्रियों की दूकानों को शुरू रखने का आदेश दिया है. इस अवधि में बाहरी शहरों से किराना सामग्री भी पहुंच नहीं पा रहा है. यही कारण है कि किराना दूकानों में उपलब्ध सामग्री अब खत्म होने लगी है. इस कारण दूकानदारों ने सामग्री के दाम बढ़ा दिए हैं. आमतौर पर 2,300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा जाने वाला गेहूं इन दिनों 2,900 रुपए के हिसाब से बेचा जा रहा है. वहीं चावल के दाम भी काफी बढ़ गए हैं.
जय श्रीराम का 3, 600 रुपए प्रति क्विंटल का चावल 4,400 के हिसाब से बेचा जा रहा है. तुअर दाल 70 रुपए से बढ़कर 80 पर पहुंच गई है. 34 रुपए प्रति किलो की शक्कर भी अब 40 पर पहुंच गई है. सोयाबीन तेल का 15 किलो का डिब्बा अब 1,400 से 1,700 पर पहुंच गया है. फल्ली तेल भी प्रति किलो 15 रुपए महंगा हो गया है. केंद्र व राज्य सरकार ने लॉकडाउन की स्थिति में दर वृद्धि न करने के निर्देश दिए हैं. बावजूद इसके शहर में धड़ल्ले से सामग्रियों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन इस ओर स्थानीय प्रशासन अनदेखी करता दिखाई दे रहा है.
