गोंदिया : 574 को किया होम क्वारंटाइन

गोंदिया : कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखकर जिले में विदेश से व बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही हैं. जिले में 222 यात्री विदेश से आए थे. जिनके संपर्क में कुल 945 व्यक्ति पाए गए थे. जिसमें से 122 यात्रियों की 14 दिन की आयसोलेशन अवधि 31 मार्च को समाप्त हो गई. जिससे अब 100 विदेशी यात्री व उनके संपर्क में आनेवाले वाले 474 लोग इस तरह कुल 574 लोगो को होम क्वारंटाइन किया गया है. इन लोगों पर प्रशासन की कड़ी नजर है.

उल्लेखनीय है कि जिले में पहला कोरोना पीड़ित शहर के गणेश नगर में पाया गया. इसी श्रृंखला में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पीड़ित युवक के संपर्क वाले उसके परिवार के 5 सदस्य व 4 मित्रों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था. इन सभी के नमूनों की प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त हो गयी है. जिसमें सभी कोरोना संक्रमण के नमूने निगेटिव आये हैं. वहीं जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 18 लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे. जिसमें 17 नमूने निगेटिव व केवल 1 व्यक्ति का नमूना पॉजिटिव पाया गया है. विशेष बात यह है कि 6 दिनों में जिले में एक भी कोरोना का नया मरीज या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला है. हालांकि प्रशासन के माध्यम से एहतियात के रूप में आवश्यक सभी उपाय योजना की जा रही है.

राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या में हर दिन वृद्धि हो रही है. नागरिकों में दहशत का वातावरण है. कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उपाय योजना की जा रही है. इसी बीच शासन के निर्देशानुसार केटीएस अस्पताल में 100 बेड का विशेष कक्ष बनाने का काम लगभग पूर्ण कर दिया गया है. वैश्विक बीमारी कोरोना के चलते देश भर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है. जिससे सभी उद्योग व व्यवसाय बंद हो गये हैं. रोजगार के लिए अन्य जिलों व राज्य में गए मजदूर अपने गृह जिले में लौट गए हैं. इसमें अब तक 9013 लोग जिले में लौटे है. वहीं विदेश से 222 लोग वापस आए है.

राज्य तथा अन्य प्रांतों तथा जिलों में कोरोना वायरस के चलते कई लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं, लेकिन परिवहन के लिए कोई साधन नहीं मिला है. जिससे सैकड़ों मिल पैदल चलकर अपने गांव जा रहे हैं. इस दौरान उनके सामने रहने व खाने की समस्या निर्माण हो गई है. गोंदिया से पैदल चलकर हैदराबाद, तेलंगाना के लिए निकलें 153 राहगीरों के लिए गोरेगांव के समाजसेवी संकट मोचन साबित हुए. गोरेगांव में आते ही सभी को नाश्ता, भोजन व निवास की व्यवस्था की गई है. गोंदिया में संचालित एक मार्केटिंग कंपनी में तेलंगाना राज्य व हैदराबाद के 150 से अधिक युवक काम कर रहे थे, किंतु लॉकडाउन के चलते कंपनी बंद हो गयी. जिससे युवक बेरोजगार हो गए. लॉकडाउन से परिवहन वाहन बंद होने के कारण युवक पैदल ही अपने गांव की ओर निकल पड़े. गोंदिया से तेलंगाना व हैदराबाद लगभग 250 से 300 किमी दूरी पर है. जब वे गोंदिया से 30 मार्च को निकले तो गोरेगांव पहुंचते ही वहां के समाजसेवियों को दिखाई दिए. तत्काल समाजसेवियों ने चंदा जमा कर उनके निवास और भोजन की व्यवस्था कर दी.

नगराध्यक्ष आशीष बारेवार, टीटू जैन ने बताया कि लगभग 40 से अधिक समाजसेवियों ने चंदा जमा किया है. इस चंदे से उन्हें नाश्ता, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जा रही है, लेकिन वर्तमान में समस्या निर्माण हो गई है कि 1 दिन में लगभग 15 हजार रुपए से अधिक का खर्च उठाना पड़ रहा है.