बच्चे ने गढ़ी खुद के अपहरण की कहानी

मुंबई : देर रात घर आने पर अम्मी-अब्बू से मार खाने से बचने के लिए 14 वर्षीय एक बच्चे ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी घरवालों को सुनाई। बच्चे की कहानी सुनकर उसके अभिभावक सन्न रह गए। उन्होंने भोईवाड़ा पुलिस से संपर्क किया। पुलिस को बच्चे की बातों पर संदेह हुआ, लेकिन उन्होंने एनसी दर्ज कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से बच्चे के अभिभावक नाखुश थे। घर पहुंचने पर उन्होंने पीड़ित बच्चे से किडनैपिंग वाले दिन की पूरी घटना मोबाइल में रिकॉर्ड करवाई और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। वायरल विडियो में पुलिस की कार्यप्रणाली और खुद को अल्पसंख्यक समुदाय के होने की बात कहते हुए बच्चे ने प्रशासन पर पक्षपात करने की बात कही है। रविवार को यह वायरल विडियो भोईवाड़ा पुलिस के हाथ लगा।
अपहरण के बारे में गहराई से पूछताछ
भोईवाड़ा पुलिस के सीनियर पीआई विनोद कांबले ने बच्चे के परिजन को तुरंत थाने में संपर्क करने को कहा। मगर वायरल विडियो में बच्चे के नाम-पता का उल्लेख नहीं था। जोन-4 के डीसीपी डॉ. सौरभ त्रिपाठी ने भी वायरल विडियो का संज्ञान लिया। उन्होंने बच्चे व उसके अभिभावक का पता लगाकर उन्हें पूछताछ के लिए भोईवाड़ा पुलिस थाना बुलाया। उनसे अपहरण के बारे में गहराई से पूछताछ की। बच्चे द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए टैक्सी का नंबर (जिससे कथित अपहरण किया गया था) लेकर उसकी जांच की। वह टैक्सी यूपी निवासी किसी गुप्ता नामक टैक्सी चालक की थी, जिससे अपहरण के बारे में पूछताछ की गई। गुप्ता ने बच्चे की पहचान की, मगर उसके अपहरण की घटना से इनकार कर दिया।