अगले महीने तैयार हो जाएगा सेंपल कोच, जुलाई २०२० में आएगा पहला मेट्रो रेक

मुंबई : मेट्रो रेल सेवा को एक आरामदायक सफर के लिए जाना जाता है लेकिन मुंबई में आनेवाली मेट्रो के कोच की डिजाइन जिस तरह से तैयार की जा रही है, उससे एक बात साफ है कि मुंबई में चलनेवाली भविष्य की मेट्रो लोकल की तरह ही यात्रियों को ढोएगी। वर्तमान में भीड़ के समय १,५०० यात्रियों के वहन करने की क्षमता मेट्रो-वन रेक में है जबकि भविष्य की मेट्रो रेल के जो कोच तैयार किए जाएंगे, उनमें यात्रियों के वहन करने की क्षमता २,००० से अधिक होगी। ऐसे में भीड़ को देखते हुए चलते ही ‘ओवर लोड’ हो जाएगी मेट्रो।
बता दें कि मेट्रो के पहले कोच का सेंपल सितंबर २०१९ में तैयार होने का अनुमान है जबकि मेट्रो के रेक जुलाई २०२० में तैयार होकर मुंबई पहुंच जाएंगे। एमएमआरडीए ने मेट्रो-२ ए (दहिसर से डी.एन. नगर), २ बी (डी. एन. नगर से मंडाले) और मेट्रो-७ (दहिसर ईस्ट से अंधेरी ईस्ट) के कोच निर्माण की जिम्मेदारी भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को दी है। बीईएमएल कुल ३७८ कोच का निर्माण करेगा, जिससे मेट्रो के ६३ रेक तैयार होंगे। वर्तमान में वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर रूट पर चल रही मेट्रो वन की तरह ही भविष्य की मेट्रो रेक भी ६ कोच के होंगे। हालांकि आनेवाले नए कोच की खासियत यह होगी कि इसमें सफर करनेवाले यात्रियों के वहन करने की क्षमता २,००० हजार से अधिक होगी। साथ ही ये रेक वर्तमान मेट्रो रेक के मुकाबले सुविधा में अधिक अच्छे होंगे। ऐसे में यह माना जा रहा है कि भविष्य की मेट्रो यात्रियों को भीड़ के समय ढोएगी। मेट्रो कोच निर्माण के लिए बीईएमएल को ३,०१५ करोड़ रुपए का ठेका दिया गया है। मेट्रो रेक में यात्रियों के बैठने की क्षमता ३३४ होगी। कोच की चौड़ाई ३.२० मीटर होगी। एमएमआरडीए के अधिकारियों के अनुसार यह मेट्रो ड्राइवर लेस होगी। मेट्रो सीबीटीसी की आधुनिक सिग्नलिंग तकनीकी पर आधारित रहेगी। इसके अलावा मेट्रो कोच में टॉक बैक सिस्टम, सीसीटीवी वैâमरे, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, अलार्म और प्लेटफार्म स्क्रीन डोर की सुविधा होगी। मुंबई में फिलहाल कुल ६ मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है, जिसमें मेट्रो-३ (कुलाबा-बांद्रा- सिप्ज), मेट्रो-२ए और मेट्रो-७ कॉरिडोर का परिचालन साल २०२० में शुरू हो जाएगा। मेट्रो-२ए और मेट्रो-७ से रोजाना करीब १६ लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।