चौथे चरण में ६४ फीसदी मतदान : पश्चिम बंगाल, ओडिशा में हिंसा

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हिंसा की घटनाएं और कुछ इलाकों में ईवीएम में खराबी की घटनाओं के बीच सोमवार को नौ राज्यों की ७२ संसदीय सीटों पर हुए चुनाव में ६४ फीसदी मतदान हुआ। हिंसा के कारण कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई।

२०१४ के चुनावों में भाजपा ने मध्य भारत की जिन ३२ सीटों में से ३० पर जीत दर्ज की थी वहां चुनाव प्रतिशत इस प्रकार से रहा : राजस्थान (१३ सीट) में ६७.७३ प्रतिशत, उत्तरप्रदेश (१३ सीट) में ५८.५६ प्रतिशत और मध्यप्रदेश (६ सीट) में ६७.०९  प्रतिशत।

पश्चिम बंगाल में आठ सीटों पर सर्वाधिक ७६.६६ फीसदी मतदान हुआ जहां बीरभूम सीट के नानूर, रामपुरहाट, नलहटी और सूरी इलाकों में प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों के बीच हुए संघर्ष में कई लोग जख्मी हो गए।

बरबनी में आसनसोल से भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के वाहन में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की जबकि दुबराजपुर इलाके में केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं जिन्होंने मोबाइल फोन के साथ मतदान केंद्रों के अंदर जाने से रोके जाने पर सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था।

एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदान अधिकारियों के साथ बहस करने के लिए सुप्रियो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने राज्य में एक-दूसरे के मतदाताओं को धमकी देने के आरोप लगाए जहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाए जाने के बावजूद पिछले तीनों चरणों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं।

भाजपा के लिए इन चुनावों में काफी कुछ दांव पर लगा हुआ है जिसने २०१४ के चुनावों में ७२ सीटों में से ५६ पर जीत हासिल की थी। राजस्थान और मध्यप्रदेश में जहां इस चरण में चुनावों की शुरुआत हुई वहीं महाराष्ट्र और ओडिशा में चुनाव संपन्न हो गया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ओडिशा की छह संसदीय सीटों में कई स्थानों पर हिंसा हुई जहां मतदान प्रतिशत ६४.०५ फीसदी रहा।

अधिकारियों ने बताया कि जगतसिंहपुर सीट के बालीकुडा-इरासामा इलाके में कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मतदान केंद्र से लौटते समय चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मारा गया व्यक्ति लक्ष्मण बहेरा बीजद छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गया था। 

जाजपुर, केंद्रपाड़ा और बालेश्वर लोकसभा सीटों पर चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच सत्तारूढ़ बीजद और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई।

राज्य में ईवीएम में खराबी के कारण ६० मतदान केंद्रों पर देर से मतदान शुरू हुआ।

मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी एल कांता राव ने कहा कि कृत्रिम मतदान अभ्यास के दौरान २०७ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को बदला गया क्योंकि उनमें कुछ खराबियां पाई गईं। मतदान शुरू होने के बाद १०६ मतदान केंद्रों पर ईवीएम भी बदल दिए गए।

राज्य चुनाव अधिकारियों के अनुसार राजस्थान में चुनाव शांतिपूर्ण रहे जहां आदिवासी बहुल क्षेत्र बांसवाड़ा में ७२.३४ फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद बाड़मेर में ७२.२१ प्रतिशत मतदान हुआ।

चुनाव आयोग की तरफ से शाम छह बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र (१७ सीट) में करीब ५२ फीसदी मतदान हुआ, ओडिशा में ६ सीटों पर ६४.०५ प्रतिशत, बिहार की पांच सीटों पर ५३.६७ प्रतिशत, झारखंड की तीन सीटों पर ६३.४२ प्रतिशत मतदान हुआ।

जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीट के कुलगाम जिले में १०.५ फीसदी मतदान हुआ जहां पथराव की अलग- अलग घटनाएं हुईं। संवेदनशील सीट पर तीन चरणों में से यह दूसरा चरण है।

उत्तरप्रदेश में विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाए कि कन्नौज में कई ईवीएम में गड़बड़ियां थीं जहां से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव चुनाव लड़ रही हैं। 

कानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मतदान केंद्र के अंदर घुसने का प्रयास किया और पुलिसकर्मियों से उलझ गए। कानपुर के जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने कहा कि भाजपा नेता सुरेश अवस्थी और छह अन्य के खिलाफ इस सिलसिले में मामला दर्ज किया गया है।

बिहार के मुंगेर में तीन मतदान केंद्रों, दरभंगा में दो मतदान केंद्रों और बेगूसराय में तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम में खराबी के कारण देर से मतदान शुरू हुआ।

ओडिशा में ४१ विधानसभा सीटों और मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए भी मतदान हुआ। छिंदवाड़ा से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं।

देश में ५४२ लोकसभा सीटों के लिए सात चरणों में ११अप्रैल से १९ मई के बीच सात चरणों में मतदान कराया जा रहा है।