गांधी पुण्यतिथि पर आदिवासियों के बीच हुआ अनोखा आयोजन।

                                    गाँधी १५० योजना  के तहत आदिवासियों ने खुद को मुख्यधारा में लाने के लिए लिया संकल्प

 मनासा जिला मुख्यालय से सुदूर आदिवासी गांवों के लोगों ने शहीद स्मृति दिवस महात्मा गांधी पुण्यतिथि के अवसर पर संविधान के रास्ते चलकर गांधीजी के सत्य, अहिंसा सामाजिक समरसता को एक कर  मुख्यधारा में अपने आप को लाने का संकल्प लिया।

 गांधी १५०  श्रृंखला के कार्यक्रम संयोजक महेश नंदवाना के मार्गदर्शन में मनासा तहसील के आदिवासी क्षेत्र में आयोजित यह कार्यक्रम साधारण तरीके से  पुण्यतिथि मनाने के तोर तरीकों से हटकर  आयोजित किया गया

 कार्यक्रम के प्रारंभ में ठीक सुबह ११ बजे शांति सदभावना की कामना के साथ महात्मा गाँधी को   मिनट मौन रहकर समस्त ग्रामवासीयो ने श्रद्धांजलि अर्पित की। एक आदिवासी बालिका द्वारा गांधीजी के चित्र पर माला अर्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई आदिवासी जनजाति पिछड़ा वर्ग के धाकड़ खेड़ी आश्रम पर धाकड़खेड़ी, नयागांव, वाराहजी के सैकड़ों महिलाओं, पुरूषों बच्चों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में वंचित शोषित वर्ग को मुख्यधारा में लाने की बात करते हुए कार्यक्रम संयोजक महेश नंदवाना ने कहा कि संविधान ही हमारे लोकतंत्र का असली धर्मग्रंथ है। हमारे महापुरुषों और शहीदों के बलिदान के कारण हमने आजादी प्राप्त की है   इस आजादी को हम संविधान के मूल्यों की रक्षा करके ही बरकरार रख सकते है। 

     प्रसिद्ध रंगकर्मी मानवाधिकार आयोग के सदस्य विजय बैरागी ने मालवी बोली में ग्रामीणों को उद्बोधन देते हुए कहा कि उल्लेखित नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों को जीवन मे उतारकर ही सच्चा भारतीय बना जा सकता है लोगों की वास्तविक सेवा की जा सकती है। हमारा संविधान जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर नागरिकों में कोई भेद नही करता तथा भारत माता के आंचल में पलने वाले उसके प्रत्येक बेटे और बेटियों के साथ समान व्यवहार करता है। यही हिंदुस्तान की सबसे बड़ी खूबी है जो हमे दुनिया के अन्य देशों से अलग करती है। हमे किसी भी कीमत पर इन मूल्यों से समझौता नही करना चाहिए।

      वरिष्ठ अधिवक्ता गुलाब सिंह चन्द्रावत ने गांव के लोगों   खासकर महिलाओं से आव्हान किया कि अब  आपकी आधी  आबादी को पूरा हक मिलने का समय चुका है। पुरूषों को अब अपने समाज गावों में नशा मुक्ति कर सामाजिक पारिवारिक दायित्व को भी समझना होगा शिक्षा विद श्याम साल्वी ने गांधीजी के सर्व धर्म समभाव, सामाजिक उँच नीच से बाहर आने की बात की

 कार्यक्रम के दौरान पुर्व जिला पंचायत सदस्य नानालाल भील ने सभी को संविधान के रास्ते चलने की शपथ दिलाई इस जागरूकता के लिए गांधी १५०  के सदस्यों का आभार धन्यवाद ज्ञापीत किया  कार्यक्रम के पश्चात गांव के लोगों महिला बच्चों का सामुहिक भोजन भी हुआ

 कार्यक्रम की गरिमा अनूठापन  इससे प्रतित होता है, कि आदिवासी छात्रा द्वारा गांधीजी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई साथ ही अपने घरों में महिलाऐं जो सबसे अंत में भोजन करती हैं, उन्हें सबसे पहले बच्चों के साथ भोजन करवाया गया तथा गांव के पुरुषों ने अंत में भोजन किया। इस अवसर पर कंजार्डा के समाजसेवी सुरेश जैन, संजय राठोड़ खेड़ली, उप सरपंच बाबु भाई भील, शा.मा विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती साधना भंडारी, अरूण मालवीय, रमेश चन्द्र नाथ, आश्रम स्टाफ के नंदलाल,केसरीमल बागरी, मुन्नालाल गेहलोद सहित धाकड़ खेड़ी, नयागांव सहित आसपास के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे