1984 सिख विरोधी दंगा पर आए फैसले ने बिगाड़ा कांग्रेस की 3 राज्यों में जीत के जश्न का जायका
नई दिल्ली : हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत के जश्न में डूबी कांग्रेस को सोमवार को तगड़ा झटका लगा। 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कांग्रेस के तीन नेता आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। इनमें से अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं जबकि मध्य प्रदेश में कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं लेकिन कोर्ट के इस फैसले ने उसकी खुशी के पैमाने को कम कर दिया।
जाहिर तौर पर कांग्रेस पार्टी आज के दिन को शुभ मानकर चल रही थी लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने लोगों के पुराने जख्म को हरा कर दिया और वह एक बार फिर 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में सवालों के घेरे में आ गई। कांग्रेस पर आरोप लगते रहे हैं कि वह इन दंगों में अपने नेताओं को जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को बचाती रही है। दिल्ली हाई कोर्ट के आज के फैसले ने कांग्रेस पार्टी के जीत के जायके को बिगाड़ दिया है। हालांकि, उसके नेता यह जरूर कहते नजर आ रहे हैं इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने मीडिया से कहा, 'मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं समझता। ये पुरानी कार्यवाही है। करीब 20 साल से अलग-अलग कार्यवाहियां चल रही हैं। उनमें से एक का निर्णय आज आया है। इसका कोई मतलब नहीं है कि आप आज इसे किसी राजनीतिक प्रसंग से जोड़ें। कानूनी कार्यवाहियों को चलना चाहिए। इसके बाद अपील होती है। इसके पहले भी फैसले आए हैं जिसमें लोग दोषी हुए हैं और दोषमुक्त भी पाए गए हैं। मैं नहीं समझता कि इस पर राजनीतिक टिप्पणी करनी चाहिए।' कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस पर हमला बोलने में देरी नहीं की। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस मामले को दबाने की कोशिश की लेकिन देर से सही अब न्याय हो रहा है।
इस बीच, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे कमलनाथ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'यह विडंबना है कि यह फैसला उस दिन आया है जब सिख समाज जिस दूसरे नेता को दोषी मानता है, कांग्रेस उसे मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला रही है।'
हिंदी पट्टी के राज्यों में आमने-सामने के मुकाबले में भाजपा को शिकस्त देने के बाद कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। इन राज्यों में जीत से कांग्रेस पार्टी को एक संजीवनी मिली है। तीन राज्यों में आज उसकी सरकार बन रही है। अपने मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के जरिए वह अपनी बढ़ती ताकत का अहसास भी कराना चाहती थी लेकिन सज्जन कुमार पर कोर्ट के फैसले ने उसे बैकफुट पर लाने और जीत के जश्न पर 'ग्रहण' लगाने का काम किया है।
