चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश , राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम में विधानसभा चुनाव की तारीख को लेकर किया ऐलान

मध्य प्रदेश। चुनाव आयोग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. तेलंगाना को छोड़कर बाकी ४  राज्यों का कार्यकाल इसी साल पूरा हो रहा है, जिससे इन राज्यों में चुनाव होना है. इस समय राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है. जबकि मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है.
बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल २३१  सीटें है. हालांकि इसमें से २३०  सीटों पर ही चुनाव होते हैं और बाकी सदस्य को मनोनीत किया जाता है. मध्य प्रदेश में २०१३  के विधानसभा चुनाव में भाजपा  को १६६ , कांग्रेस को ५७ , बसपा को ४  और अन्य को ३  सीटें मिली थीं. यहां पिछले १५  सालों से भाजपा की ही सरकार है. यहां की सियासी लड़ाई कांग्रेस और भाजपा  के बीच ही मुख्य रूप से है. हालांकि बसपा भी यहां एक बड़ी ताकत रखती है.
इसके अलावा राजस्थान में विधानसभा की २००  सीटें हैं. साल २०१३  में हुए विधानसभा के चुनाव में इसमें भाजपा  ने १६३  सीटें जीती थी. जबकि कांग्रेस २१  सीटों पर सिमट गई थी, वहीं बसपा को ३ , एन एन पि   को ४ , एन यू जेड पि 
 को २  सीटें मिली थीं. इसके अलावा ७  सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी. राजस्थान में भी मुख्य रूप से मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही है. हालांकि कई क्षेत्रीय पार्टियां भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं. बसपा और नेशनल पीपल्स पार्टी के अलावा घनश्याम तिवारी  ने भाजपा  से बगावत कर अलग भारत वाहिनी पार्टी बनाई है.
वहीं छत्तीसगढ़ में विधानसभा की कुल ९०   सीटें हैं. साल २०१३  के विधानसभा चुनाव में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी  ने यहां जमकर प्रचार किया था. कहा गया था कि तब जाकर भाजपा  को ४९  सीटें मिली थीं और रमन सिंह तीसरी बार मुख्यमंत्री बन पाए थे. तब कांग्रेस को ३९ , बसपा को १  और अन्य को १  सीट मिली थी. यहां भी पिछले १५  साल से भाजपा  की सरकार है. यहां भी मुख्य मुकाबला भाजपा  और कांग्रेस के बीच ही है. हालांकि इस बार इन दोनों दलों के अलावा कांग्रेस से बगावत कर नई पार्टी कांग्रेस-जोगी बनाने वाले मुखिया अजीत जोगी जोरदार टक्कर दे सकते हैं. बता दें कि उन्होंने बसपा से गठबंधन किया है. इसके अलाव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी मैदान में है.
वहीं मिजोरम की बात करें तो पूर्वोत्तर के इस राज्य में विधानसभा की कुल ४०  सीटे हैं. साल २०१३  के चुनाव में यहां कांग्रेस ने ३४ , एम एन एफ ने ५  और  एम पी सी ने १  सीट जीती थी. हालांकि इस बार भाजपा  भी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रही है.
तेलंगाना की बात करें तो वहां विधानसभा की कुल ११९  सीटें हैं. यहां पिछली बार चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ ही हुआ था. तब के सी आर की पार्टी टीआर एस को बंपर जीत मिली थी. लेकिन मुख्यमंत्री के सी आर ने समय से पहले ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी, जिसके बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. यहां विधानसभा की ११९  सीटें हैं. पिछले बार के चुनाव में ११९  सीटों में से टीआर एस को ९०  सीटें मिली थी. जबकि कांग्रेस को १३ , ओवैसी की पार्टी ऐ ऍम आई ऍम  को ७ , भाजपा  को ५ , टी डी पी को ३  और सी पीआई एम को १  सीट मिली थी.