क्या मुंबई के अंजुमन इस्लाम ट्रस्ट का इलेक्शन चैरिटी कमिश्नर के बनाए गए कानून से हुआ है ?

अल्पसंख्यक समुदाय का शैक्षणिक संस्थान जो मुस्लिम समुदाय के लोगों के पैसे से बना हुआ है उसका १०  कमेटी मेंबर का इलेक्शन २९  सितंबर २०१८  को हुआ 
अंजुमन इस्लाम को कुछ सफाई मुसलमान समुदाय के लोगों को देना पड़ेगा !

१) यह कौन से ट्रस्ट  का इलेक्शन हुआ जोकि  अंजुमन इस्लाम ट्रस्ट ७ नाम से चल रहा है ?
२) अंजुमन ट्रस्ट के मेंबर  कितने हैं और किस किसने वोट क्या ?
३) किया उसके सिर्फ १९४  वोटर्स है  वोटर्स क्या डॉक्टर  ज़हीर  क़ाज़ी से  नाराज है जो वोट करने नहीं आए ?
४) मृत्युक श्री डॉक्टर इशाक जमखनवाला के वक़्त स्टाफ भी वोटिंग करता था तो अब डॉक्टर  ज़हीर  क़ाज़ी  के दौर में क्यों इस अभ्यास को रोका गया ?
५) मृत्युक श्री डॉक्टर इशाक जमखनवाला केबाद कितने नए मेंबर्स लिए गए और पुराने मेंबर्स को कियु साइड में किया जा रहा है ?
६) जो  मेंबर्स  अब  है  वह  क्या  ट्रस्ट  और  क़ौम  के  वफादार  है  या डॉक्टर  ज़हीर  क़ाज़ी के वफादार  है ?
७) मेंबर्स  से सालाना   फीस  कितनी  ली  जाती  है  और  सब  मेंबर्स  ने  मुस्लिम  समुदाय  केलिए  क्या  कानूनी   काम  किया है ?
८) चैरिटी आयुक्त के  पास  ट्रस्ट  के  अनियमितताओं और  भ्रष्टाचार की  शिकायत  पहले से जाँच पड़ताल में  है , तोह  ट्रस्ट  ने  कैसे  बिना अनुमति के इलेक्शन   किया ?
९) क्या  पैसेवाला  मुस्लमान  ही इस ट्रस्ट में  मेंबर  बन  सकता  है , क्यों  किसी  मध्यम वर्ग इंसान  को  मेंबर  नहीं  बनाया  जाता ?

मुस्लिम समुदाय के लोग इन सब सवालो  का जवाब मांग रहे है?
जो की श्री डॉक्टर ज़हीर क़ाज़ी को देना होगा