चीन की सफाई, मसूद अजहर पर सदस्य देशों में आम राय नहीं

 नई दिल्ली: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत के प्रयासों को चीन लगातार नाकाम कर रहा है। अब उसने अपने इस कदम का बचाव किया है। चीन का कहना है कि इस मुद्दे पर सीधे तौर से जुड़े भारत और पाकिस्तान के साथ-साथ सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के बीच आम राय नहीं है। 

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशन्स के एक कार्यक्रम में कहा कि अगर सभी पक्ष आम सहमति पर पहुंच जाते हैं तो उनका देश इसका समर्थन करेगा। हालांकि इससे संबंधित पक्ष, जैसे भारत और पाकिस्तान आम राय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। यी ने इस मुद्दे पर भारत के साथ करीबी संपर्क बनाए रखने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि ठोस तथ्य और सबूत होने चाहिए। अगर ठोस सबूत हैं तो कोई झुठला नहीं सकता। मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ऐसा करेगा। 

उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए पाकिस्तान की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, 'चीन आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ है। हम आतंकवाद से लड़ने में पाकिस्तान के प्रयासों में उसका समर्थन करते हैं। वर्षों पहले अमेरिका के अनुरोध पर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अल-कायदा के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया था। उसने इसके लिए भारी कीमत चुकाई। हमें लगता है कि पाकिस्तान ने जो किया उस पर निष्पक्ष फैसला होना चाहिए।' सुरक्षा परिषद में हर बार पाक आतंकी का बचाव करता है चीन

भारत के साथ हैं अमेरिका-ब्रिटेन

अजहर 2016 में कश्मीर के उड़ी सैन्य अड्डे पर हमले समेत भारत में कई आतंकवादी हमलों का आरोपी है। उसने जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की थी। इस संगठन को पहले ही संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में रखा गया है। अजहर को आतंकवादी घोषित करने के भारत के प्रयासों को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस का समर्थन हासिल है, लेकिन वीटो पावर वाला चीन अड़ंगा लगा दे रहा है।