विधायक के महिला विरोधी बयान पर फडणवीस की चुप्पी, विपक्ष ने उठाया सवाल
मुंबई
बीजेपी विधायक राम कदम द्वारा की गई महिला विरोधी टिप्पणी पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की चुप्पी को लेकर एनसीपी ने शुक्रवार को सवाल उठाया। विधायक ने कहा था कि लड़कों को शादी में मदद करने के लिये वह लड़कियों को अगवा करने में लड़कों की मदद करेंगे। विपक्षी पार्टी ने फडणवीस से पूछा कि क्या विधायक की इस मंशा को सत्तारूढ़ बीजेपी की मौन स्वीकृति मिली हुई है। एनसीपी ने अपने '56 इंच के सीने वालों को 56 सवाल' अभियान के तहत यह सवाल किया। केन्द्र में नरेन्द्र मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिये गुरुवार को पार्टी ने यह अभियान शुरू किया था। महाराष्ट्र एनसीपी प्रमुख जयंत पाटिल एवं पार्टी नेता अजित पवार, सुप्रिया सुले, धनंजय मुंडे, नवाब मलिक और अन्य ने इस अभियान के तहत ट्विटर पर सवाल किए।
इन नेताओं ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने विधायक राम कदम के इस आपत्तिजनक टिप्पणी पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। क्या इसका मतलब यह समझा जाए कि राम कदम की इस मंशा में बीजेपी की मौन स्वीकृति है?’ कदम ने हालांकि इस पर माफी मांग ली है लेकिन वह अपनी इस बात पर भी कायम रहे कि राजनीतिक विरोधियों ने उनकी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। फडणवीस पर हमला बोलते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री का जानबूझकर इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहना निंदनीय है और यह उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
