मुंबई में 70 हजार मौत के मैनहोल, सिर्फ 4,000 पर सुरक्षा जाली....
मुंबई: मुंबई में करीब 70 हजार मैनहोल खुले पड़े हैं। यह बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। मुंबई में 74,682 मैनहोल हैं, इसमें से 3,920 पर ही सुरक्षा जाली लगाई गई है। बाकी खुले पड़े हैं। पिछले दिनों ही हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बीएमसी को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि मुंबई में किसी के साथ भी खुले मैनहोल के कारण यदि अप्रिय घटना घटती है, तो इसके लिए बीएमसी जिम्मेदार होगी। इसके बावजूद बीएमसी ने अब तक कोई ऐसा ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे सभी मैनहोल को सुरक्षा जालियों से कवर किया जा सके।
बीएमसी के उपायुक्त उल्हास महाले ने कहा है कि बीएमसी के 2014 के नियमानुसार मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने की जिम्मेदारी वॉर्डों की है। इस संबंध में वॉर्डों को सूचित किया है। सुरक्षा जाली लगाने के लिए कार्रवाई तेज की जाएगी। 2017 में बारिश के दौरान एलफिंस्टन रोड स्टेशन के सामने खुले मैनहोल में गिरकर डॉ.अमरापुरकर की मौत हो गई थी। उनका शव बाद में वर्ली में बरामद हुआ था। इसके बाद बीएमसी ने जांच कर मुंबई में सभी मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने की मुहिम शुरू की थी, लेकिन 5 साल बाद भी सभी मैनहोल पर सुरक्षा जाली नहीं लग पाई है।
बारिश के दौरान बीएमसी ने अपील की थी कि तेजी से पानी निकालने के लिए लोग मैनहोल के ढक्कन न खोलें। ऐसा करने वालों के खिलाफ बीएमसी ने कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। महाले ने कहा कि पानी को जल्दी निकालने के लिए बीएमसी कर्मचारी स्वयं पास खड़े रहते हैं, जिससे कोई हादसा न हो। कई जगह पानी निकालने के लिए स्थानीय लोग खुद ही ढक्कन निकाल देते हैं, लेकिन दोबारा नहीं रखते हैं, जो दुर्घटना का कारण बनता है।
मुंबई के 24 वॉर्डों द्वारा दर्ज कराई गईं 239 शिकायतों में से पुलिस ने 200 से ज्यादा मैनहोल कवर चोरी होने की एफआईआर दर्ज की हैं। जी नॉर्थ वॉर्ड (दादर, धारावी और माहिम) में सबसे ज्यादा 114 मैनहोल के ढक्कन गायब हुए हैं, इसमें से पुलिस ने 34 मामलों में एफआईआर दर्ज की है। बीएमसी अधिकारी ने बताया कि एक मैनहोल कवर लोहे से बना होता है और बाजार में इसकी कीमत 2500 से 5000 रुपये होती है।
