सोसायटी की सतर्कता से पकड़ी गई मनपा अधिकारियो की चोरी

मुंबई। मनपा में किस तरह भ्रष्टाचार की तूती बोल रही है इसका उदाहरण इसी से लगाया जा सकता है कि मनपा अधिकारी गरीब जनता का घर तक बेच दे रहे है। सोसायटी के लोगो की सतर्कता से परियोजना प्रभावितों का घर चोरों के हाथ में नही जा सका। सोसायटी के   सदस्य ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि मनपा में चल रहे भ्रष्टचार पर लगाम लगाए और अधिकारियो की घोटाले को लेकर जिस तरह मनोबल बढ़ा है उस पर अंकुश लगाए ।  बता दे कि भायखला स्थित मेघराज शेट्टी मार्ग  को चौड़ा करने का काम किया गया। जिसमें कुल 60 झोपड़ा धारकों के झोपड़े सड़क चौड़ा करने में बाधा बन रहे थे  जिन्हे मनपा प्रशासन ने तोड़ दिया। मनपा प्रशासन झोपड़ा धारकों के घर तोड़ते समय उन्हें दूसरे स्थान पर घर देने का आश्वासन दिया। भायखला के इन 60 झोपड़ा धारकों को एस आर ए के तहत कुर्ला में बनी अरमान एस आर ये सोसायटी में 20 घर,गिरिजाबाई एस आर ए गृह संस्था मुलुंड में 10,देवी स्मृति एस आर ए गृह संस्था में मलाड 15,  आश्रय एस आर ए गृह संस्था बोरीवली  में 8 और संजय गांधी नागर एस आर ए गृह संस्था गोरेगांव में 7 घर उपलब्ध कराया। झोपड़ा धारकों को घर एलाट किए जाने के बाद मनपा के जूनियर इंजीनियर से लेकर वरिष्ठ अधिकारी परियोजना प्रभावितों के घर दूसरे लोगो को बेचने में जुट गए। भायखला के जूनियर इंजियर अमजद खान झोपड़ा धारकों को घर देने के बजाय दूसरे लोगो को घर बेचने का पूरा इंतजाम कर दिया। अमजद खान ने कुर्ला  की अरमान एस आर ए संस्था में जिन 20 लोगो के नाम पर घर  एलाट किया गया था भायखला के जूनियर इंजीनियर खान  ने अपने करीबी शकील अहमद को सभी चाभिया दे दी। भायखला में जिन झोपड़ा धारक के घर के कागजात थे उनके घरों के कागजात अमजद खान ने अपने पास रख लिया था। मेघराज शेट्टी मार्ग पर रहने वाले कुछ लोगो का कहना था मनपा अधिकारी ने घर पात्र नहीं होगा इस तरह का झांसा देकर गरीब झोपड़ा धारकों के घर मामूली पैसे देकर खरीद लिया था उनका आरोप था कि उन्हें भी लालच दी गई थी लेकिन उन्होंने अपना घर के कागजात नही दिए थे ।इन झोपड़ा धारकों को मनपा ने बोरीवली के आश्रय सोसायटी में घर मिला है। कुर्ला की अरमान एस आर ए सोसायटी के सदस्य प्रदीप थोरात ने बताया कि भायखला के जिन झोपड़ा धारकों को उनकी सोसायटी में घर एलाट हुआ था वह लोग घर के कागजात लेकर सोसायटी में अपने घर की चाभी लेने नही आए थे।थोरात ने बताया कि जो लोग घर लेने के लिए कागजात लेकर आए थे उनके साथ एक स्थानीय दलाल शकील अहमद भी साथ जिससे उन्हें आशंका हुई कि जिन लोगो को घर एलाट हुआ है वह नही है।सोसायटी के सदस्यों ने लोगो को घर देने के पहले उनके कागजात मांगा लोग सही कागजात नही दिखा सके । उसी समय उन्हें आशंका हुई कि कोई तो बड़ा घपला हुआ है जिसकी शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।जिसमे यह सामने आया कि जिन लोगो को परियोजना प्रभावितों को घर दिए जाने के लिए मनपा अधिकारी अपना दबाव डाल रहे थे वह घर भाड़े पर दिया गया था।