‘केबीसी’ के नाम पर महिला से 3 लाख रुपये की ठगी
बीड, ठग ने महिला को झांसे में लेना शुरू किया और पैसा एटीएम मशीन में डालने का बहाना बताकर अलग-अलग कारण से पैसे मांगने लगा। जिसके बाद महिला ने ठग को तीन लाख रुपए दे दिए। शहरी क्षेत्रों में अनगिनत ठगी की वारदातों को अंजाम देने के बाद अब जालसाजों की नजर ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पहुंच चुकी है। ताजा मामला महाराष्ट्र के बीड जिले से सामने आया है, जहां के ग्रामीण इलाके में रहने वाली एक किसान महिला को केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) के नाम पर लाखों रुपयों का चूना लगाया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, एक किसान महिला को लॉटरी की रकम और कार का झांसा देकर तीन लाख रुपये ठगे गए है। यह घटना गुरुवार को धारुर तालुका के पहाड़ी दहीफल से सामने आई। इस संबंध में और धारूर थाने में मामला दर्ज किया गया है। ठगी गई महिला की पहचान पहाड़ी दहीफल निवासी 25 वर्षीय अश्विनी मुंजाबा नांदे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नांदे परिवार खेती करके अपना जीवन गुजर-बसर करता है। 29 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर महिला को मैसेज भेजा, जिसमें केबीसी से 25 लाख की लॉटरी और एक लग्जरी कार जीतने का दावा किया गया था।
इसके बाद अश्विनी नांदे ने संबंधित व्यक्ति को कॉल ककिया तो उसने अपना नाम रामचंद्रकुमार बताया। अश्विनी नंदे ने ठग से 25 लाख रुपये भेजने की बात कही तो उसने महिला का अकाउंट डिटेल्स, आधार, पासपोर्ट फोटो भेजने के लिए कहा। जिसके बाद ठग ने महिला को झांसे में लेना शुरू किया और पैसा एटीएम मशीन में डालने का बहाना बताकर अलग-अलग कारण से पैसे मांगने लगा। जिसके बाद महिला ने ठग को तीन लाख रुपए दे दिए, लेकिन जब उसे फिर भी लॉटरी के पैसे और कार नहीं मिली तो उसने साइबर विभाग से संपर्क किया। फिर धारुर थाने में 7 दिसंबर को रामचंद्रकुमार नामक आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी हैं। आरोप है कि ठग ने करीब एक महीने तक महिला को अलग-अलग कारण बताकर पैसे मांगे। जबकि लॉटरी के लालच में अश्विनी नांदे ठग के अलग-अलग खातों में क्यूआर कोड से पैसे भेजती रहीं। उसने 17 किस्तों में करीब दो लाख 95 हजार 300 रुपए का भुगतान कर दिया।
