कैग की टीम मुंबई मनपा के वार्ड कार्यालयों में भी छान रही खाक...

मुंबई :  मनपा में पिछले दो सालों के दौरान किए गए कामों की जांच कैग से करने का निर्देश राज्य सरकार ने दिया है। राज्य सरकार के निर्देश पर मनपा में कैग की 5 टीम पिछले 5 दिन से जांच करने में जुटी है। कैग की टीम ने अपना जांच का दायरा बढ़ाते  हुए  अब वार्ड कार्यालय की ओर अपना रूख कर लिया है। कैग की टीम वार्ड कार्यालयों में जाकर कोरोना काल में हुए कामों खर्च की जांच शुरू की है।

कैग की जांच से मनपा के कर्मचारी से लेकर अधिकारी भी परेशान हुए है। कैग की टीम मनपा में पिछले दो सालों के दौरान मनपा में मुख्य रूप से लगभग  12000 (बारह हजार करोड़ ) के कामों की जांच कैग की टीम  कर रही है।  कैग की टीम मुख्य रूप से उन्ही वार्डो में जा रही है जिन वार्ड में जंबो कोविड़ सेंटर था उसी वार्डो में जांच का दायरा अधिक रखा है।

जंबो कोवीड सेंटर  भायखला रिचर्ड्सन कुडस  , वर्ली अंधेरी सेवहन अस्पताल, आदि इलाको के वार्ड में जांच का दायरा बढ़ाया है। कैग की टीम लेखा परीक्षक द्वारा किए गए खर्च की जांच कर रही है।इसके अलावा विदेश से आने नागरिकों को होटल में रखा जा रहा था जिसका  खर्च मनपा उठा रही थी । कैग की टीम यात्रियों की पूरी जानकारी इकट्ठा कर रही है।

मनपा अधिकारियो का कहना है कि कोरोना काल में  डिजास्टर एक्ट के तहत काम करना पड़ा था उस दौरान आदमी नही मिल रहे थे सामान मिलना तो दूर की बात थी फिर भी लोगो को सुविधा मुहैया कराने के लिए मनपा कर्मी अपनी जान की बाजी लगाकर लोगो को सुविधा उपलब्ध कराई।अब मनपा कर्मचारियों को जांच का सामना करना पड़ रहा है।

मनपा में राकांपा की पार्टी नेता रही राखी जाधव ने कहा कि मनपा अधिकारियो ने किन परिस्थितियों में सामग्री इकठ्ठा की और हर प्रकार की लोगो को सुविधा उपलब्ध कराई वह कर्मचारी और अधिकारी ही जानते है कितने वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जान चली गई । कैग की जांच से मनपा कर्मी अब परेशान हो रहें है।

वही मनपा विरोधी पक्ष नेता रहे कांग्रेस नेता रविराजा ने कहा कि कोरोना के दौरान भी मनपा द्वारा कोरोना में किए गए कामों का खर्च की जांच करने की गुहार लगाई थी लेकिन उस दौरान उनकी बातो को दबा दिया जा रहा था । उन्होंने कहा कि मनपा द्वारा की गई पैसों के खर्च की जांच होनी चाहिए ।कैग ऑडिट से उन सभी सवालों का जवाब मिलेगा जो हमने उस समय उठाया था।