मीठी नदी का पानी होगा स्वच्छ

मुंबई, मुंबई में मीठी नदी सबसे चर्चित और बड़ी नदी है। वर्ष २००५ जुलाई में मुंबई में बाढ़ के लिए एक वजह मीठी नदी को भी माना गया था लेकिन अब उस मीठी नदी का कायाकल्प कर मनपा ने काफी हद तक स्थिति में सुधार किया है। अब एक बड़ा कदम उठाते हुए मीठी नदी के पानी को साफ रखने के लिए मनपा ने कुल २६ गेट इस नदी के अलग- अलग आउटफॉल पर लगाने का निर्णय लिया है। मनपा ने मीठी नदी में बहनेवाले सीवेज (गंदा पानी एवं कचरे) को रोकने के लिए यह योजना बनाई है। इससे नालों से सीधे नदी में मिलनेवाले गंदे पानी को फिल्टर कर नदी में छोड़ा जाएगा। माहिम कॉजवे और प्रेम नगर आउटफॉल्स में इसे प्रायोगिक तौर पर बनाया जाएगा।
इस योजना को सफल होने के बाद मनपा मीठी नदी का जल गुणवत्ता सुधार परियोजना के तहत माहिम क्रीक और अंधेरी हवाई अड्डे के बीच कुल २६ गेट बनाएगी। इससे सीवेज और औद्योगिक कचरे को रोकने, प्रदूषण को कम करने और पानी की गुणवत्ता बढ़ाने में मनपा को मदद मिलेगी। मीठी नदी के कायाकल्प के लिए कुल २,१०० करोड़ रुपए की निधि आवंटित की गई है। पहले चरण में १,१०० करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें वाकोला नदी का विकास भी होगा। माहिम के कॉजवे, सीएसटी ब्रिज और प्रेम नगर आउटफॉल के बीच निर्माण परियोजनाओं के लिए दो निविदाएं जारी की जा चुकी हैं।