२५० डॉक्टर होंगे बेघर! …म्हाडा ने कट किए बिजली और पानी

मुंबई, महाराष्ट्र की ‘ईडी’ सरकार अपने राज में एक के बाद एक कारनामा करती ही जा रही है। इसी तरह के एक मामले में मुंबई मनपा के केईएम और नायर अस्पतालों में कार्यरत २५० निवासी डॉक्टरों पर बेघर होने की नौबत आ गई है। इसके तहत म्हाडा की जिन इमारतों में ये निवासी डॉक्टर रह रहे थे, वहां की बिजली और पानी को म्हाडा ने काट दिया है। बता दें कि साल २०२० की शुरुआत से ही निवासी डॉक्टर दादर-पूर्व स्थित म्हाडा की इमारत में रह रहे थे। उन्हें यह घर कोरोना महामारी में छात्रावास के भीतर पैâलनेवाले वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवंटित किया गया था। ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि भविष्य में बेघर होने वाले निवासी डॉक्टर कहां जाएंगे?
म्हाडा दे चुकी है नोटिस
म्हाडा ने मनपा के उक्त निवासी डॉक्टरों को घर खाली करने के लिए कई नोटिसें दी हैं। हालिया नोटिस म्हाडा ने नौ अक्टूबर को दिया है, जिसमें निवासी डॉक्टरों को दो दिन में घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके साथ ही सोमवार को उनके बिजली और पानी के कनेक्शन को खंडित कर दिया गया।
शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने दी थी राहत
केईएम की महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स इकाई के अध्यक्ष डॉ. सचिन पट्टीवार के मुताबिक उन्हें पहले भी कई बार इस इमारत को खाली करने के लिए कहा गया था। दिसंबर २०२१ में शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप किया। जिसके बाद हमें यहां रहने की अनुमति दी गई थी। मई २०२२ में एक अन्य चर्चा में उन्हें मार्च २०२३ तक यहां रहने का आश्वासन दिया गया था। फिलहाल सोमवार को डॉक्टरों ने म्हाडा के अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने इस मुद्दे पर त्वरित समाधान का आश्वासन दिया है।
तनाव में हैं डॉक्टर
यहां रह रहे एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कहा कि हम बहुत तनाव में हैं। साथ ही अपने चिकित्सा कर्तव्यों को जारी रखते हुए नए घर के लिए हम एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास दौड़ रहे हैं। फिलहाल केईएम के १३० और नायर के १२० डॉक्टरों को अस्पतालों के छात्रावास में इन २५० निवासी डॉक्टरों को समायोजित करने में असमर्थता जताई जा रही है।