प्रदूषण मापने के लिए लगेगी अत्याधुनिक मशीन, १० करोड़ में लगेंगे संयंत्र

मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों स्वच्छ हवाओं के मामले में अन्य शहरों की तुलना में पीछे होती जा रही है। नतीजतन मुंबईकरों को खुलकर सांस लेने में दिक्कत हो रही है और उन्हें तमाम बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मनपा मुंबई में अब शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कमर कस ली है। मनपा हवाओं की गुणवत्ता पर अब खुद नजर रखेगी और उसमें सुधार के लिए शहर भर में पांच स्थानों पर धूल जांच इकाई और धूल निगरानी संयंत्र स्थापित करेगी। मनपा ने इसके लिए एक निविदा आमंत्रित की है। इन उपकरणों को स्थापित करने का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर की जांच करना और समाधान पर काम करना है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु अभियान के तहत इस परियोजना के लिए मनपा १० करोड़ रुपए खर्च करेगी।
मनपा वर्ष २०२० में ही इन मशीनों को लगाने की तैयारी में थी लेकिन कोरोना महामारी के दौरान परियोजना में देरी हुई। मनपा ने अब डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए एक निविदा आमंत्रित की है। इस मशीन में बाहर से धूल आने के प्रमाण और धूल की निगरानी होगी। सूत्रों ने कहा कि जिन पांच स्थानों पर उपकरण लगाए जाएंगे, उनमें दहिसर टोल नाका, मुलुंड चेक नाका, चेंबूर में अमर महल जंक्शन, कला नगर जंक्शन और वर्ली जंक्शन का समावेश है।
मनपा के एक अधिकारी ने बताया कि इससे हमें समय पर रिपोर्ट मिलेगी और हम बराबर नजर रख सकेंगे। मुंबई की हवा दूषित होने के कारणों का भी पता लगा सकेंगे और मुंबई में हवाओं को शुद्ध करने, प्रदूषण आदि पर कदम उठा सकेंगे। इससे मुंबई में लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि वर्तमान में मुंबई और नई मुंबई में अलग-अलग ठिकानों पर २३ मशीनें महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) और सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) द्वारा लगाई गई हैं।