मुस्लिम समुदाय की आर्थिक और शैक्षिक स्थिति का जायजा लेने के लिए संस्था नियुक्त

मुंबई, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए एक अहम फैसला लिया है. इसके लिए राज्य में मुस्लिम समुदाय की वास्तिव स्थिति का पता लगाने के लिए एक संस्था को विशेष तौर पर इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. महाराष्ट्र सरकार ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज संस्था (TISS) की नियुक्ति कर उसे मुस्लिम समुदाय की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का जायजा लेने का कार्य सौंपा है.
महाराष्ट्र सरकार ने साल 2013 में नियुक्त महमूद-उर-रहमान की अध्यक्षता वाली कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर नई रिपोर्ट सबमिट किए जाने का आदेश जारी किया है. सरकार के इस कदम पर मुस्लिम समुदाय ने खुशी जाहिर की है. उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही राज्य के मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू करेगी, जिससे की मुस्लिम समुदाय के ज्यादा से ज्यादा लोग आगे बढ़कर महाराष्ट्र और देश की प्रगति में अपना योगदान दें सके.
दरअसल, राज्य सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए किए गए प्रयासों और राज्य के विकास के निरीक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए इस संस्था को नियुक्त किया गया है. यही नहीं सरकार ने इसके लिए 33 लाख रुपये के बजट का प्रावधान भी किया है. महमूद-उर-रहमान समिति ने 2013 में अपनी रिपोर्ट तत्कालीन सीएम पृथ्वीराज चव्हाण को सौंपी थी. बता दें कि रिटायर आईएएस अधिकारी महमूद-उर-रहमान की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस अधिकारी, साथ ही टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) जैसे संस्थानों के प्रोफेसर शामिल थे. इसकी नियुक्ति पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने की थी.