GST रैकेट का भांडाफोड़, 132 करोड़ रुपये के फर्जी बिल के साथ गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार...

मुंबई : मुंबई जोन में केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) के भिवंडी आयुक्त की टीम ने एक फर्जी चालान रैकेट का भांडाफोड़ करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह पर 132 करोड़ रुपये के फर्जी बिल के सहारे 23 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने का आरोप है।

गिरोह के मुख्य आरोपित की पहचान हसमुख पटेल के रूप में की गई है अधिकारी ने बताया कि सीजीएसटी भिवंडी आयुक्त की चोरी-रोधी शाखा विभिन्न फर्जी फर्मों की जांच कर रही थी, जिनमें मेसर्स मेकटेक स्टील ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड,  मेसर्स यूजीएसके ट्रेडर, मेसर्स वर्ल्ड एंटरप्राइजेज, मेसर्स रोलेक्स एंटरप्राइजेज और मेसर्स एचएचटी एंटरप्राइजेज और मेसर्स यश एंटरप्राइजेज शामलि है। जांच के दौरान इन कंपनियों और मुख्य आरोपित हसमुख पटेल के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध पाए गए। 

सीजीएसटी भिवंडी आयुक्त की एक चोरी-रोधी शाखा ने खुफिया जानकारी के आधार पर धोखाधड़ी के आठ मामलों में आरोपित के घर पर छापामारी की। जांच में पता चला कि आरोपित हसमुख पटेल ने कथित तौर पर फर्जी फर्मों का एक बड़ा नेटवर्क बना रखा है, जिसके माध्यम से उसने 132 करोड़ रुपये के नकली चालान बनाए और किसी सामान और सेवाओं की आपूर्ति किए बगैर 23.16 करोड़ रुपये के नकली आईटीसी का लाभ उठाया। 

आरोपी हसमुख पटेल ने अपने अपराधों को कबूल करते हुए बताया कि उसने अब तक 36 फर्जी जीएसटी फर्में बनाई हैं और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट को पास करने के लिए विभिन्न जीएसटी आयुक्तालय में अपना नेटवर्क स्थापित किया है।

जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मास्टरमाइंड आरोपित को CGST अधिनियम, 2017 की धारा 132 के उल्लंघन के लिए CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत 9 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया।आरोपित को 23 सितंबर तक न्यायायिक हिरासत में भेजा दिया गया है।