उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका, विधानसभा अध्यक्ष ने ठुकराई मांगे

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. विधासभा अध्यक्ष ने ठाकरे गुट की मांगे ठुकरा दी हैं।. विधानसभा (में कामकाज समिति के सदस्यों में केवल शिंदे गुट के विधायकों को जगह मिली है. शिंदे गुट के उदय सामंत और दादा भूसे को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा कामकाज समिति का सदस्य बनाया है जबकि उद्धव गुट के किसी भी विधायक को इसमें जगह नहीं दी गई है.
इस बात के लिए ठाकरे गुट ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. उद्धव ठाकरे गुट के नेता अजय चौधरी ने लिखा की शिव सेना उनकी अधिकृत पार्टी है लिहाजा उन्हें विधानसभा कामकाज समिति में सदस्य देने के लिए मौका दिया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ जो की पूरी तरह से असंवैधानिक है.
वहीं ठाकरे गुट शिंदे गुट पर हमला करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। बुधवार को सामना के संपादकीय में कहा गया है कि 40 दिन पहले अवैध रूप से बनी सरकार को राज्यपाल ने शपथ दिलाई और अब अवैध रूप से बनी सरकार के मंत्रियों को शपथ दिलाकर उन्होंने लोकतंत्र का अपमान किया है. इसमें आगे कहा गया है कि कुछ ऐसे विधायकों को शपथ दिलाना जिन्हें अयोग्य ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है, यह लोकतंत्र और संविधान की हत्या है.  ऐसे हत्यारों को देश में खुला छोड़ दिया गया है और उनके माध्यम से राज्य के मामले चलाए जा रहे हैं.
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस संपादकीय के माध्यम से चुनौती दी कि एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने वाले नौ मंत्रियों की खुशी अल्पकालिक होगी. मुखपत्र में आगे कहा गया है कि महाराष्ट्र के लोग दलबदलुओं को उनके विश्वासघात के लिए कभी माफ नहीं करेंगे. हालांकि शिंदे सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.