शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखकर दिए सुझाव शैक्षणिक सत्र को तीन सत्रों में विभाजित कर शुरू करें स्कूल-कॉलेज - भवानजी

मुंबई। भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा मुंबई मनपा के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा है कि पिछले २०  मार्च से कोरोना वॉयरस को नियंत्रित करने के लिए समूचे देश में जारी लॉकडाउन के चलते कारोबारी के साथ ही शैक्षणिक गतिविधियां भी पूरी तरह से ठप पड़ी हुई हैं। जिससे स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक तथा चिकित्सकीय संस्थानों में पढाई करने वाले देश के करोड़ों विद्यार्थियों की शिक्षा तथा परीक्षाओं पर भी बेहद विपरीत प्रभाव पड़ा है। स्कूल बंद होने से जहां बच्चे घरों में कैद हैं, वहीं दूसरी ओर देश के लाखों शिक्षक इस महामारी में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दिन-रात काम कर कोरोना योद्धा की भी भूमिका निभा रहे हैं, जो सराहनीये  कार्य है। भवानजी ने कहा कि लॉकडाउन आखिर कब तक किया जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था तथा अन्य गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए आज नहीं तो कल शुरुआत तो करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही किसी देश के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभा सकता है, लिहाजा स्कूलों तथा कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तो शुरू करनी ही पड़ेंगी। भवानजी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल "निशंक", महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तथा राज्य की शिक्षण मंत्री वर्षा गायकवाड़ एवं केंद्रीय तथा महाराष्ट्र के शिक्षा सचिवों को पत्र लिखकर कुछ सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोरोना की जंग में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सबसे अहम है, लिहाजा शैक्षणिक उपक्रमों को तीन स्तरों पर विभाजित कर स्कूल-कॉलेजों की पुनः शुरुआत की जा सकती है। भवानजी ने अपने सुझाव में कहा है कि स्कूली तथा कॉलेजों की शिक्षा को बच्चों की आयु सीमा के अनुसार एक दिन में तीन सत्रों में संचालित किया जाय। उन्होंने स्कूलों में पांचवीं से ८  वीं की कक्षाओं का संचालन सुबह ७ से ११ बजे तक, जूनियर केजी से चौथी  तक की कक्षाओं को दोपहर १२ से शाम ४ बजे तक एवं ९ से लेकर कॉलेज स्तर की कक्षाओं को शाम ५ से रात्रि ९ बजे तक संचालित किए जाने की मांग की है। भवानजी ने कहा है कि तीनों सत्रों में एक-एक घंटे का अंतराल होने से स्कूलों की साफ-सफाई, सेनिटायजेशन आदि कार्यों को भी सुचारु रूप से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते कम से कम सार्वजनिक कार्यक्रम, खेलकूद स्पर्धाओं आदि पर रोक रहेगी, लिहाजा इनसे संबंधित विषयों को अलग रख, बाकी के विषयों की पढाई स्कूल-कॉलेजों में चार घंटे के शैक्षणिक सत्र में बेहतर ढंग से की जा सकेगी। बाबूभाई भवानजी ने स्कूल-कॉलेज शुरू होने पर विद्यार्थियों में सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क, हैंड ग्लोबस  पहनने की अनिवार्यता, स्कूलों की इमारतों का नियमित सेनिटायजेशन, बच्चों को भी निरंतर सेनिटायजर, साबुन आदि स्कूल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।