ठाणे : इंग्लैंड में फंसे छात्रों को नहीं मिल रही दवाएं

ठाणे : कोरोना महामारी के चलते विदेश में पढ़ाई करने गए छात्रों की परेशानी बढ़ गई है. विश्व के तमाम देशों की तरह  इंग्लैंड (यूके) भी इस बीमारी के चलते परेशान है.  इंग्लैंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने गए भारत के सैकड़ों छात्रों को दवाइयां तथा अन्य सुविधाएं नहीं  मिल पा रही हैं. इसकी वजह से 425 छात्रों ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया है और जल्द से जल्द स्वदेश भेजने की गुहार लगाई है.

घोडबंदर रोड स्थित विजय गार्डन निवासी शशि यादव का बेटा विशाल यादव इंग्लैंड के 92 डीन रोड स्थित साउथ शील्ड में रहकर नाटिकल साइंस की पढ़ाई कर रहा है. पिछले 10 से 15 दिनों से वह चर्म रोग से पीड़ित है. दवा लेने के लिए विशाल जब मेडिकल की दुकान पर गया, तो बिना रजिस्ट्रेशन औऱ डाॅक्टर की सलाह के उसने दवा देने से इंकार कर दिया. विशाल ने एक डॉक्टर से संपर्क कर अप्वाइंटमेंट लेने की कोशिश  किया तो डॉक्टर ने लोकल बॉडी  में रजिस्ट्रेशन के बिना एप्वाइंटमेंट देने से मना कर दिया.  यह जानकारी जब शशि यादव को मिली, तो उन्होंने यहां से दवाएं भेजने का प्रयास किया, लेकिन लॉक डाउन में कोरियर सर्विस बंद होने की वजह से वे दवाएं नहीं भेज सके.

कोरोना की महामारी से जूझ रहे इंग्लैंड में शिक्षा ग्रहण कर रहे 425 छात्रों ने भारतीय दूतावास में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया  है और विभिन्न तरह की मुसीबतों में फंसे होने की जानकारी देकर स्वदेश भेजने की गुहार लगाई है. शशि यादव ने प्रधानमंत्री से लेकर ठाणे जिलाधिकारी औऱ मुख्यमंत्री से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक को मेल के माध्यम से एक पत्र भेजकर सभी छात्रों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने या उन्हें एयरलिफ्ट कर स्वदेश लाने की मांग की है.