क्या असाम के ४० लाख जनता को विदेशी खोषित करना ठीक है ?

क्या  हमारे देश भारत की सर हद मेहफ़ूज़ नहीं ? 
क्या विदेशि लोग हमारे देश में गैर कानूनी तरीके से घूस रहे है ?
क्या  इलेक्शन के चलते भाजपा सरकार ने आनंद फानन में सुप्रीम कोर्ट से पेहले    फैसला करदिया ?
ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र
मुंबई : अासाम  में एन.आर.सी.सी के ड्राफ्ट से ४० लाख शेहरियो के नाम गायब होने से असाम के  लोगो में अफरा  तफरी का माहौल है वही देश के हमदर्द मानवता रखने वाले लोगो में भी बेचैनी का माहौल है इसी मुद्दे पे आज  ३/अगस्ट/२०१८ को आल इंडिया मिली कॉउन्सिल मुंबई यूनिट
,आल इंडिया मुंबई बोर्ड ,इमाम उल हिन्द फाउंडेशन, आल इंडिया समाजी व रफाइ कोउन्सिल की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस मुम्बई मिडीया सेंटर जोगेश्वरी (वेस्ट) में हुई! 

 कॉन्फ्रेंस में मिली कॉउन्सिल मुंबई अध्यक्ष राशिद  आज़मी ने कहा के असाम  में जो कुछ हो रहा है वो बिल्कुल जल्द बाज़ी में लिया जाने वाला फैसला है जो के मानव अधिकारों का अधिकार वित्तीय और अन्याय है। अगर देश में असाम के ४० लाख जनता को विदेशी करार दिया गया तो इससे हमारे देश की बहुत बदनामी होगी इससे ये भी सवाल पैदा होता है की किया हमारे देश की सरहदे इतनी भी मेहफ़ूज़ नहीं है जो की इतनी संख्या में विदेशी लोग हमारे देश में गैर कानूनी तरीक़े से घूस  आए जो के ना मुमकिन है क्योकी हमारे देश इंडिया की हिफाज़त दुंनिया के ताकतवर व बेहतरीन फौज के जवान अपनी जान की बाज़ी लगाकर कर रहे है 

इमाम उल हिन्द फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना नवशाद अहमद सिद्दीक़ी ने कहा के असाम में साल साल में बाढ़ आती है जिस से के कई गांव पानी में डूब जाते है ऐसे मोके पर एक आम आदमी अपनी जान की हिफाज़त करेगा या फिर अपने दस्तावेज़ की हिफाज़त करेगा बाढ़ के आने से कागजात डुबजाते है इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार को असाम की जनता के साथ नरमी बरतते हुए फैसला करना चाहिए लेकिन अगर ये बात पूरी तरीके से  साबित होती है के ये हिन्दुस्तानी नहीं है तो उस व्यक्ति को फ़ौरन देश से निकाल देना चाहिए 

आल इंडिया बोर्ड के मेम्बर अशरफ़ इमाम ज़ैदी ने कहा के हमारे मुल्क में राशन कार्ड ,वोटर कार्ड ,पेन कार्ड,आधार कार्ड ,का क़ानून है जो के हमारे हिन्दुस्तानी होने का सबूत है ये सिलसिला भी बहोत देरी से शुरू हुआ है ऐसे मैं कागजात नहीं ढूंढ पा रहे है असाम में गरीब अनपढ़ लोगो की संख्या बहुत ज़्यादा है बहुत से लोग ऐसे भी है जिन के पास खुदकी ज़मीन जायदाद कुछ नहीं है  तो ऐसे में इन के लिए ये साबित करना के हम हिन्दुस्तानी है ये बहुत मुश्किल काम होगा 
लेकिन में ये कहता हु की किसी भी प्रदेश में इस तरह का सर्वे अभियान चलाया जाए तो उस प्रदेश में बीस, पच्चीस हज़ार लोग ऐसे मिलेंगे जिन के पास कोई प्रॉपर्टी नहीं है उन के पास कोई कागज़ात (दस्तावेज़) नहीं है 

आल इंडिया समाजी व रफाइ कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद शमीम अख्तर नदवी ने कहा के १९८५ में असाम सरकार और केंद्र सरकार के बीच यह समझौता हुआ था के एन,आर ,सी सी ,को रिपोर्ट दी जाए जो लोग असाम में २५/मार्च/१९८१ के बाद आए है उनहे विदेशी घोषित कर देश से बाहेर निकाल देना चाहिए लेकिन ये काम को सरद खाने में ढाल दिया गया अब बीजेपी की अध्यक्षता में, इसे बढ़ावा दिया गया है ताकि वे अपने राजनीतिक हितों को फायदा प्राप्त करा  सकें जब के ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है आज असाम में अफरा तफरी का माहौल है इधर ३१ जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के बयान से कुछ राहत मिली है के एक महीने का वक्त दिया है लोगों को नागरिकता साबित करने का, जिसका नाम किसी भी योग्यता के कारण नहीं है इस संबंध में, २५००० केंद्रों के लोग यह पता लगा सकते हैं कि उनका नाम क्यों नहीं है। और आप इसे पढ़कर अपनी नागरिकता साबित कर सकते हैं ! 
इससे पहले, चालीस लाख लोगों को विदेशि ना कहा जाए और न ही सरकार कोई अन्य कार्यवाही करे 
हमारी मांग है के एक महीने के बजाय तीन महीने का वक्त देना चाहिये पूर्ण पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिये और वास्तव में जो लोग विदेशि है इन को बाहर निकाला जाना चाहिए

आल इंडिया उलमा बोर्ड के सचिव मौलाना जियाउद्दीन सिद्दीक़ी ने कहा के जब सुप्रीम कोर्ट ने इन ४० लाख लोगो को विदेशि करार नहीं दिया है तो इन को विदेशि कहकर गोली मारने का बयान दे कर कुछ नेता सियासी फायदा उठाना चाहते है ऐसे सियासी लोगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि देश की कानून विवस्था खराब ना हो !

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी संगठनों के संयुक्त जिम्मेदार ने कठिठ तौर पे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान की 
निंदा की है जिस में उन्हों ने कहा था के हमारी पार्टी ने ४० लाख लोगो को बाहेर का रास्ता दिखाया है जो की बिल्कुल गलत बयान है जब के सुप्रीम कोर्ट ने इन ४० लाख लोगो को विदेशि करार नहीं दिया है अमित शाह ऐसी ऊँची सियासत ना करे हम ऐसे बयानों की सख्त निंदा करते है