मुंबई : सबसे सुरक्षित है मुलुंड
मुंबईः पूर्वी उपनगर के अंतिम छोर पर बसा मुलुंड इस समय कोरोना के संक्रमण से सबसे सुरक्षित है। बीएमसी द्वारा मिले आंकड़ों के अनुसार, 12 अप्रैल तक मुलुंड के टी वॉर्ड में कोरोना के सिर्फ 8 मरीज थे, जबकि सबसे ज्यादा 280 मामले वर्ली के जी-दक्षिण वॉर्ड से हैं। टी वॉर्ड ऑफिसर किशोर गांधी इसका श्रेय मुलुंडकरों की जागरूकता और सहयोग को दे रहे हैं।
कोरोना संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क में आने वाले ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों की पहचान सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सबसे ज्यादा संभावित संक्रमितों तक पहुंचने में सफलता मिलती है। मुलुंड में इन्हीं क्लोज कॉन्टैक्ट तक पहुंचने का पैमाना काफी ज्यादा है। गांधी ने बताया कि हम ज्यादा से ज्यादा क्लोज कॉन्टैक्ट तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। औसतन यह आंकड़ा 20 का है। इसके अलावा, जिन हाई रिस्क घरों में जगह की कमी है, उन्हें बीएमसी की व्यवस्था में रहने को भेज दिया जा रहा है।
मुलुंड में अन्य इलाकों की अपेक्षा स्लम काफी कम है। स्लम की अपेक्षा सोसायटियों में इसका प्रसार रोकने की व्यवस्था कर पाना प्रशासन के लिए आसान होता है। इसके अलावा, दिल्ली में हुए कार्यक्रम के लोगों का मुलुंड से कोई संपर्क नहीं हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्लम और दिल्ली में हुए कार्यक्रम के लोगों से इलाके का बचाव तो वजह है, लेकिन बीएमसी की सक्रियता भी इसमें प्रमुख है। जिन लोगों को घरों में रहने को कहा गया है, उनका बराबर अपडेट हमारी टीम ले रही है। भाजपा नगरसेवक प्रकाश गंगाधरे ने कहा कि हम शुरू से ही जागरूकता फैला रहे हैं। लोग भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं।
