मुंबई : एक दिन में 10 की मौत
मुंबई : मुंबई में शुक्रवार को अब तक मिल रहे कोरोना मरीजों का रिकॉर्ड टूट गया. एक दिन में 132 कोरोना के मरीज मिले हैं ,जो अब तक एक दिन में मिले कोरोना मरीजों का सर्वाधिक आंकड़ा है. मुंबई में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 1008 हो गई है. शुक्रवार को 10 कोरोना मरीजों की भी मौत होने के साथ ही मृतकों की संख्या 64 पहुंच गई है.
मुंबई के दादर स्थित सुश्रुषा अस्पताल की 2 नर्सें कोरोना पाँजिटिव पायी गई हैं. बीएमसी ने इस निजी अस्पताल के सभी नर्सों को पृथक वास में रखने और किसी भी अन्य मरीज को भर्ती नहीं करने का शुक्रवार को निर्देश दिया. बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दादर के सुश्रूषा अस्पताल में 27 और 42 साल की दो नर्स कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाई गईं.
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद बीएमसी ने एहतियात के तौर पर इस निजी अस्पताल को अपनी सभी 28 नर्सों को वहीं पृथक वास में रखने और उनकी जांच करने को कहा है. अधिकारी ने कहा कि वहां इलाज करा रहे मरीजों को छुट्टी देने के लिए अस्पताल को 48 घंटे का समय दिया गया है. बीएमसी ने दादर इलाके में 2 नर्स समेत कोविड-19 के 6 मरीजों का पता लगाया है. पेड्डर रोड स्थित जसलोक अस्पताल और मुंबई सेंट्रल स्थित वॉकहार्ड्ट अस्पताल समेत कई निजी अस्पतालों को पहले ही सील कर चुकी है और इन परिसरों में कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद उनके कर्मचारियों को पृथक वास में रखने को कह चुकी है. महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों का उपचार कर रही 70 नर्स कोरोना पाँजिटिव पाई गई हैं, जबकि 250 से अधिक नर्सों को आइसोलेट किया गया है.
बीएमसी के सूत्रों ने बताया कि बांद्रा स्थित केबी भाभा अस्पताल की कुछ नर्सों ने प्रशासन से शिकायत की है कि भाभा अस्पताल में क्वारंटाइन किये गए कुछ डॉक्टर परिसर में खुलेआम घूम रहे हैं. वहां के स्टाफ के संक्रमित पाए जाने के बाद कई लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. नायर अस्पताल में भी एक डॉक्टर को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद आइसोलेट कर दिया गया है. उसके साथ डॉक्टर के संपर्क में आने वालों की भी खोज की जा रही है. मुंबई के जी दक्षिण वार्ड में सबसे अधिक मरीज पाए गए हैं. यहां 6 अप्रैल को मरीजों की संख्या 78 थी, जो 7 अप्रैल को 133, 8 अप्रैल को 184 और 9 अप्रैल को 199 हो गई. लाँकडाउन का सख्ती से पालन किए जाने के बाद मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिली है.
बीएमसी ने सील किए गए इलाकों में कोरोना की जांच तेज कर दी है. 10 अप्रैल तक हाई रिस्क वाले स्थानों पर 4028 लोगों की खोज की गई, जिसमें से 382 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए. कंटेनमेंट वाली जगहों पर शुक्रवार को मिले 218 मरीजों में से 60 प्रतिशत लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे. बीएमसी अधिकारी का कहना है कि अब तक बीएमसी और निजी लैब में 16000 मरीजों के सेंपल्स की जांंच की गई है.
