मुंबई : 24 घंटे में कोरोना से 4 की मौत

मुंबई : मुंबई में कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. 24 घंटे में कोरोना संक्रमित 4 मरीजों की मौत है गई. इसी के साथ कोरोना से मरने वाले मरीजों की संख्या 22 हो गई है. मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 330 हो गई है.  देश के सभी शहरों के मुकाबले कोरोना मरीजों की संख्या में मुंबई टाँप पर बना हुआ है. मुंबई में जितनी तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है उतनी ही तेजी से जांच भी की जा रही है. अकेले मुंबई में अब तक 10  हजार कोरोना मरीजों की जांच की गई है. पूरे भारत में इतनी जांंच नहीं हुई है. मुंबई में 5200 मरीजों को भी क्वारंटाइन किया गया है. शनिवार को कोरोना के 14 मरीज ठीक भी हुए जिन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. अब तक कोरोना के 34 मरीज पूरी तरह से ठीक हुए हैं जिन्हें डिस्चार्ज किया गया है. 

कोरोना मरीजों के निकट संबंधियों की तलाश भी तेज कर दी गई है. बीएमसी ने उनकी जांच के लिए फीवर क्लीनिकों की संख्या बढ़ा कर 16 कर दी है. इन फीवर क्लीनिक में 85 मरीजों की जांच की गई है. शनिवार को जिन 4 लोगों की मौत हुई है उनमें से 2 पुरुष और 2 महिला हैं. केईएम अस्पताल में 1अप्रैल को 53 वर्ष की महिला को भर्ती कराया गया था . वह अस्थमा की मरीज थी जांच रिपोर्ट कोरोना पाँजिटिव आई है. केईएम में ही 2 अप्रैल को भर्ती किए गए 67 वर्ष के पुरुष शुगर मरीज थे.  एक 43 साल की महिला को नायर अस्पताल में 2 अप्रैल को भर्ती किया गया था वह ह्दय रोग से पीड़ित थी महिला भी कोरोना वायरस से संक्रमित थी. केईएम में 70 वर्षीय बुर्जुग को शुक्रवार को भर्ती किया गया था शाम को उनकी मौत हो गई वे भी कोरोना से संक्रमित थे. मुंबई में शनिवार को मिले कोरोना के 52 मरीजों में से 38 मरीज बीएमसी और 14 मरीज प्रायवेट अस्पताल में भर्ती हैं. 

मरोल के चिमटपाडा इलाके में तबलीगी जमात के दो लोगों को लेकर तनाव पैदा हो गया. किसी ने फोन कर पुलिस को सूचना दी कि यहां दो लोग हैं जो दिल्ली मरकज़ जा कर आए हैं . पुलिस ने दोनों से पूछताछ किया तो पता चला कि वे लोग जनवरी में ही जाकर आए हैं और उन्हें कोरोना के कोई लक्षण नही है. कोरोना मरीज मिलने से तनाव बढ़ गया जिसके बाद पुलिस को मस्जिद से एनाउंस कर सबको बताना पड़ा कि यह अफवाह है.  मरोल गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस को 100 नंबर पर डायल कर बताया कि उसे कोरोना हुआ है. पुलिस वहां जाकर व्यक्ति से संपर्क किया तो कोरोना होने की कहानी झूठी निकली. व्यक्ति को लाँकडाउन की वजह से दवा खत्म हो थी. दवा के लिए उसने पुलिस को कोरोना होने की झूठी कहानी गढ़ी थी.  कोरोना बुजुर्गों के लिए जहां काल साबित हो रहा है वहीं इसकी चपेट में सबसे ज्यादा जवान व्यक्ति ही आ रहे हैं. मुंबई में कोरोना के मरीजों में 0-20 वर्ष 9 प्रतिशत, 21-40 वर्ष आयु वर्ग में 42 प्रतिशत, 41-60 वर्ष की आयु वालों को 33 प्रतिशत और 60 से अधिक आयु वर्ग के  17 प्रतिशत लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं.