दिन दहाड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी थी गोली, चार शूटर भेजे गए जेल, अभी भी माफिया की तलाश जारी
शाहगंज : प्रापर्टी डीलर छोटू प्रजापति और उसके साथ अरुण निषाद की हत्या करने के लिए सुपारी लेने के आरोप में क्राइम ब्रांच और गुलरिहा पुलिस ने चारों शूटर को शुक्रवार की देर रात संस्कार पब्लिक स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। वहीं सुपारी देने वाले माफिया राकेश यादव और उसके साथियों को पुलिस तलाश रही है। पूछताछ में पता चला कि प्रापर्टी डीलिंग में छोटू और अरुण के बढ़ते कद को माफिया राकेश हजम नहीं कर पाया और फिर उसने दोनों को रास्ते से हटाने के लिए बदमाशों को सुपारी दे दी थी। चारों शूटर ने दो बार छोटू पर हमला किया था, मगर गोली लगने के बाद भी उनकी जान बच गई थी। पकड़े गए शूटर में तीन के पास से 315 बोर के तमंचे और छह कारतूस, एक के पास से चाकू, बाइक, स्कूटी, 16550 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
पकड़े गए आरोपितों की पहचान शाहपुर के पादरी बाजार निवासी विपिन सिंह, अभिषेक सिंह, एलम्युनियम फैक्ट्री बशारतपुर निवासी अमित सिंह, जंगल क्षत्रधारी टोला शाहगंज निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। इनमें विपिन सिंह पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास सहित दस मुकदमे दर्ज हैं। सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि झुंगिया निवासी राकेश यादव जमीन का कारोबार करता है। आशीष उर्फ छोटू प्रजापति भी अपने साथी अरुण निषाद के साथ जमीन के कारोबार से जुड़े हैं। दोनों पहले राकेश यादव के साथ ही काम करते थे, लेकिन फिर उससे अलग हो गए। इससे राकेश यादव को अपने धंधे में खतरा महसूस होने लगा था। यही वजह थी कि उसने छोटू और अरुण की हत्या करने के लिए चारों शूटर को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। शूटर विपिन सिंह और उसके साथियों ने छोटू प्रजापति पर दो बार हमला किया। पहली बार तब हमला किया, जब वह मारपीट के एक मामले में पैरवी कर अपने साथी के साथ फर्टिलाइजर के रास्ते लौट रहे थे। जिस कार में वह बैठे थे, उस पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई थीं, हालांकि छोटू उसमें बाल-बाल बच गए थे। दोबारा उन लोगों ने मेडिकल कॉलेज चौकी के पास छोटू को गोली मारी थी। गोली से घायल छोटू को मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ले जाया गया, जहां लंबे समय तक चले इलाज के बाद उसकी जान बच गई।
अरुण निषाद दोस्त छोटू पर हुए दो बार हुए हमले के मामले में पैरवी कर रहे थे। राकेश और उसके गिरोह को लग रहा था कि वह उसका भंडाफोड़ देंगे। उसके बाद राकेश ने विपिन सिंह के जरिए अरुण को भी मारने की सुपारी दी थी। जंगल क्षत्रधारी निवासी अरुण निषाद को जब पता चला कि राकेश उनकी हत्या कराना चाहता है, तब उन्होंने 26 फरवरी को झुंगिया निवासी राकेश यादव पर पिपराइच थाने में केस दर्ज कराया था। झुंगिया निवासी माफिया राकेश यादव, जंगल क्षत्रधारी टोला लालगंज निवासी मंटू उर्फ आकाश कन्नौजिया, कुशीनगर के खड्डा के मदनपुर के मूल निवासी व हाल मुकाम जंगल तिकोनिया नंबर एक के राजकुमार यादव और चिलुआताल के मंझगांवा निवासी सन्नी दुबे फरार हैं। क्राइम ब्रांच की टीम इनकी तलाश में जुटी है। राकेश यादव गुलरिहा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर पीपीगंज में हत्या, डकैती, गैंगेस्टर समेत चार केस, चिलुआताल में धमकी, घर में घुसकर मारपीट, गुलरिहा, कोठीभार में डकैती, आपराधिक साजिश, महुली में हत्या की कोशिश और दो शाहपुर में हत्या समेत 41 केस दर्ज हैं। कुछ मामलों में वह कोर्ट से बरी भी हो गया है।
