मुंबई : जीएसटी भवन आग में साजिश की 'बू', अजित पवार ने दिया जांच का आदेश
मुंबई : राज्य को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व उपलब्ध करनेवाला जीएसटी भवन भी सोमवार दोपहर आग की चपेट में आ गया। जीएसटी भवन में लगी आग पर बवाल भी खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता रवि राजा ने इस पर आशंका जताते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण इमारत में आग कैसे लगी, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह आग साजिश के तहत तो नहीं लगाई गई। सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलें कमिश्नर के पास थीं। आग भी कमिश्नर कार्यालय के फ्लोर पर लगी, जिसमें महत्वपूर्ण फाइलें और कागजात जलकर खाक हो गए। बता दें कि जिस फ्लोर पर आग लगी, वहां जीएसटी के अडिशनल कमिश्नर शेख का कार्यालय है। 8वें फ्लोर पर कमिश्नर संजीव कुमार और एक अन्य अडिशनल कमिश्नर का भी दफ्तर जलकर खाक हो गया। इससे आशंका को और बल मिल रहा है। इस आग की तुलना 22 जून 2012 को मंत्रालय में लगी आग से की जा रही है, जिसमें कई फ्लोर जलकर खाक हो गए थे और महत्वपूर्ण फाइलें जल गई थीं। जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह इमारत हर साल राज्य सरकार को करीब 90 हजार करोड़ रुपये का राजस्व उपलब्ध कराती है।
नाशिक से जीएसटी भवन आए एक अधिकारी ने बताया कि आग के कारण जीएसटी वसूली पर असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जनवरी, फरवरी और मार्च में सर्वाधिक जीएसटी भरा जाता है। ऐसे में आग में किस कंपनी का फॉर्म जला है, यह देखनेवाली बात होगी। उन्होंने बताया कि बीपीसीएल, भारत पेट्रोलियम, रिलायंस पेट्रोलियम जैसी कई पेट्रो कंपनियां यहीं जीएसटी का भुगतान करती हैं, इसलिए आग का असर जेएलसी वसूली पर पड़ना तय है। यशवंत राव चव्हाण सेंटर में एनसीपी की बैठक चल रही थी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी मौजूद थे। जीएसटी भवन में आग की खबर सुनते ही वे बैठक बीच में छोड़कर घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उसके बाद उन्होंने बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी को फोन लगाया और कहा कि कैसे आग पर काबू पाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड की सीढ़ियां वहां नहीं पहुंच रही हैं, आग बढ़ती जा रही है। साथ ही उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे से भी बात की।
