मुंबई : प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल रोकने में बीएमसी नाकाम
मुंबई : प्रतिबंध के बावजूद मुंबई में प्लास्टिक की थैलियों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। इसी का नतीजा है कि डेढ़ साल के भीतर 81 हजार 793 किलो प्लास्टिक जब्त की गई है। बीएमसी ने गैरकानूनी तरीके से प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों से 4 करोड़ 41 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला है। मुंबई में प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए बीएमसी ने ऐंटी प्लास्टिक स्क्वॉड (पथक) का गठन किया है। यह स्क्वॉड प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने और गैरकानूनी तरीके से प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल करने वालों से जुर्माना वसूलने का काम करता है। पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे की पर्यावरणमुक्त मुंबई की संकल्पना को पूरा करने के लिए शुरू में बीएमसी ने बाजारों, दुकानों एवं मॉल्स में जोरदार छापामार कार्रवाई की, लेकिन बाद में यह रफ्तार धीमी हो गई।
इस स्क्वॉड में बाजार, दुकानें, प्रतिष्ठान और लाइसेंस विभाग को भी शामिल किया गया है। लाइसेंस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि स्क्वॉड ने दुकानों, मॉल, बाजार और हॉकर्स जोन से बड़े पैमाने पर प्लास्टिक की जब्ती की है। बता दें कि प्लास्टिक बंदी में प्लास्टिक के चम्मच, प्लेट, ग्लास, स्ट्रॉ, प्लास्टिक कंटेनर और सभी प्रकार के प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
कानून के मुताबिक प्लास्टिक का इस्तेमाल करने, उसका उत्पादन और भंडारण करते समय अगर किसी को पहली बार पकड़ा जाता है तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये और तीसरी बार पकड़े जाने पर व्यक्ति से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। तीसरी बार पकड़े जाने पर व्यक्ति को 3 महीने की जेल का भी प्रावधान है। राज्य में वर्ष 2018 से प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगी है। लेकिन, गुजरात से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित थैली आ रही हैं। बीएमसी ने दूसरे राज्यों से आनेवाली प्लास्टिक की थैलियों को रोकने के लिए राज्य सरकार से मदद मांगी है। 1 मई से प्लास्टिक बंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने की राज्य सरकार की तैयारी है। हाल ही में, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस संदर्भ में सभी महानगरपालिकाओं के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। 20 फरवरी तक सभी को प्रभावी ऐक्शन प्लान बनाकर पर्यावरण विभाग को पेश करना है। दरअसल, आदित्य ठाकरे की पहल पर ही प्लास्टिक बंदी लागू हुई थी। लेकिन तमाम कारणों के चलते उसका असर नहीं हो पाया।
