मुंबई : रेल गाड़ियों के ध्वनि प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
मुंबई : मेल-एक्स्प्रेस गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले कर्कश आवाज से लोगों को जल्द छुटकारा मिल सकता है. मध्य रेलवे ने 58 मेल-एक्स्प्रेस को हेड ऑन जनरेशन (एचओजी) तकनीक पर चलाने का निर्णय लिया है. इस तकनीक से एक्स्प्रेस जनरेटर यान (पॉवर कार) से आने वाली तेज आवाज बंद हो जाएगी. इस समय मध्य रेलवे की एक्सप्रेस गाड़ियां एन्ड ऑन जनरेशन (ईओजी) तकनीक पर दौड़तीं हैं. इस प्रक्रिया में ट्रेन के आगे और पीछे जनरेटर यान जुड़े रहते हैं. ट्रेन में पंखे-लाइट के लिए बिजली सप्लाई होती है. एचओजी तकनीक में बिजली के तार से सीधे सप्लाई होगी. इससे ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा. एलएचबी कोच के लिए यह तकनीक अत्यंत उपयोगी साबित होगी. इससे यात्रियों के लिए ट्रेन में सीट भी बढ़ेगी.
मध्य रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार ईओजी तकनीक से चलने वाली 58 एक्स्प्रेस को एचओजी तकनीक पर चलाने का निर्णय लिया है, इनमें 41 एक्स्प्रेस का काम पूरा हो गया है. बाकि 17 ट्रेनों का काम महीने भर में पूरा होगा. 'सीएसएमटी, ठाणे, दादर, कल्याण, कर्जत जंक्शन पर ट्रेन रुकने पर तेज आवाज होती है. डीजल जनरेटर यान हटाने से यात्रियों को फायदा होगा.
