मांडूल सांपों की तस्करी करने वाले 4 गिरफ्तार
पालघर, जिले की वाडा तहसील वन्य क्षेत्र (पश्चिम) के अधिकारियों ने मांडुल सांप की एक दुर्लभ प्रजाति की तस्करी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जाता है कि वाडा वन क्षेत्र पश्चिमी के क्षेत्र अधिकारी संदीप चौरे को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि तस्करों द्वारा इस क्षेत्र में सांपों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर, चौरे स्वयं ग्राहक बन कर इन तस्करों के पास गए और तस्करों से संपर्क किया। बातचीत के अंत में, मांडूल सांपों की कीमत 30 लाख रुपये निश्चित की गई । आरोप के अनुसार, चौरे ने हरिश्चंद्र पयर 36 वर्षीय निवासी भिवंडी, संजय भंडारी 38 वर्षीय निवासी मलवाड़ा, ताल. विक्रमगढ़, तुकाराम हरवटे 45 वर्षीय, कन्हे ता. विक्रमगढ़ और त्रिंबक लीलका 66 वर्षीय निवासी कुंज, ता. विक्रमगढ़ को मनोर के मस्तान नाका पर मिलने के लिए आमंत्रित किया और सांपों को प्रत्यक्ष रूप से देखने के लिए कहा । बातचीत के आधार पर कुल चार आरोपी मांडूल सांप के साथ वहाँ पहुंचे जहाँ से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया व इनके पास से एक मांडूल जाति के सांप को भी जब्त किया गया। बताया जाता है कि मांडूल सर्प औषधीय गुण के साथ-साथ काला जादू के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके कारण इनकी भारी तस्करी की जा रही है। इनके तस्करों द्वारा इन्हें लाखों की कीमत में बेचा जाता है। गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और क्षेत्राधिकारी संदीप चौरे द्वारा आगे की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में अविनाश कच्छारे, दशरथ कदम, सुरेंद्र ठाकरे, धम्मपाल म्हस्के, जावेद खान, आनंद जाधव, एल एन केंद्रे, सी टी बागकर, के. एस. सोनवणे, ज्ञानेश्वर आकरे, वाई एन सपकाल सहित अन्य वन्य कर्मचारी भी शामिल थे।
