जिस थाने में था एसएचओ, उसी में दर्ज हुआ केस, लगा ये बड़ा आरोप

शहर में गत वर्ष तीन अक्तूबर को रात साढ़े सात बजे होशियारपुर के सुनार की कार को स्टार्ट करने के नाम पर धोखे से कार भगा कर ले जाने के मामले में थाना पोजेवाल में एसएचओ जागर सिंह, प्रदीप कुमार, योगेश कुमार और अमरजीत कौर के खिलाफ प्रिवेन्शन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 6 व 7 तथा आईपीसी की धारा 482 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसआई जागर सिंह को पद से मुअत्तल भी कर दिया गया।
गढ़शंकर पुलिस की लगातार की जा रही जांच के बाद और अमर उजाला द्वारा किए खुलासों के चलते आखिर पोजेवाल थाने में 2020 की पहली एफआईआर अपने ही थाने में एसएचओ जागर सिंह सहित चार के खिलाफ दर्ज की गई। जागर सिंह ने 18 अक्तूबर, 2019 को प्रदीप कुमार, योगेश कुमार थाने लाया गया।  दोनों पर मामला दर्ज करने की बात की गई, तो दोनों ने गढ़शंकर में सुनार से कार छीनने का आरोप मान लिया और रिश्वत लेकर मामला रफा दफा करने की बात कही। प्रदीप कुमार ने होशियारपुर में रहने वाली रिश्तेदार अमरजीत कौर को बीच में डाल लिया। जागर सिंह ने अमरजीत कौर से साढ़े तीन लाख में सौदा तय कर लिया।
पचास हजार रुपये एसएचओ जागर सिंह ने ले लिए और तीन लाख बाद में देने की बात तय हो गई। जागर सिंह ने उनकी कार पर लगे नंबर का मोटर व्हीकल धारा 207 के तहत चालान काट दिया और कह दिया कि आरसी दिखाकर कार ले जाएं। अमरजीत कौर ने फोन पर बात कर कार रिलीज करवा ली और उक्त लोगों ने कार में पड़े सोने को पोजेवाल में सोने का काम करने वाले राकेश कुमार को सात लाख में बेच दिया। आरोपियों से अलग-अलग तौर पर 139 ग्राम सोना मिलने पर पुलिस शक जता रही है। एसएसपी अलका मीना ने कहा कि जागर सिंह उस समय पोजेवाल थाने में तैनात थे। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।