अधिकारी नहीं जागे, तो खुद शुरू किया गड्ढे भरना
मुंबई, मुंबई की सड़कों पर गड्ढों की समस्या हर दिन बड़ी होती जा रही है। मॉनसून में यह समस्या इसलिए ज्यादा बड़ी हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भरा होने की वजह से ये नजर नहीं आते और इनमें गिरकर लोग हादसों का शिकार होते हैं। अब तक गड्ढों में गिरकर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन गड्ढों से निजात दिलाने के लिए मुंबई के माहिम के रहने वाले दो युवक सामने आए हैं। इरफान मच्छीवाला (44) और मुश्ताक अंसारी (38) रोज शहर के बिजी वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर बने गड्ढों को भरते हैं। उन्होंने कहा, 'हम कोई रोड इंजिनियर नहीं हैं। हमने महसूस किया कि ईंट-पत्थरों को तोड़कर अगर उन्हें गड्ढों में भरा जाए तो इससे काफी राहत मिल सकती है। बस हम वही कर रहे हैं।'
