डॉक्टर ने महिला मित्र को गोली से उड़ाकर दी जान

नई दिल्ली:  पुलिस आशंका जता रही है कि डॉक्टर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से महिला की हत्या करने के बाद गोली मारकर खुदकुशी कर ली होगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों के बीच बेहद करीबी रिश्ते थे तो आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि डॉक्टर ने महिला की हत्या कर खुदकुशी कर ली। डीसीपी एस.डी. मिश्रा ने बताया सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
रोहिणी में है अस्पताल : पुलिस के मुताबिक, डॉ. ओम प्रकाश कुकरेजा परिवार के साथ रोहिणी सेक्टर-13 स्थित रंग रसायन अपार्टमेंट में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी, बेटा अखिल कुकरेजा उर्फ सन्नी और बेटी गुड़िया हैं। ईएनटी डॉक्टर अखिल अपनी पत्नी के साथ देहरादून के एक अस्पताल में प्रैक्टिस करते हैं, जबकि बेटी डॉ. गुड़िया डेंटिस्ट है। वह यमुना विहार में रहती हैं। डॉ. ओमप्रकाश कुकरेजा का रोहिणी सेक्टर-15 में निर्वाण अस्पताल है। शुगर की वजह से डॉ. कुकरेजा की पत्नी को दिखाई देना बंद हो गया है।
महिला का बेटा दुबई में रहता है : सुतापा रोहिणी सेक्टर-18 में रहती थी। उनका शादीशुदा बेटा दुबई में रहता है। सुतापा करीब दो दशक से डॉ. कुकरेजा के साथ ही काम कर रही थीं। वह अस्पताल के एडमिन और फाइनेंस डिपार्टमेंट की मुखिया थीं। मंगलवार रात दोनों शादी में जाने की बात कर अपने-अपने घरों से निकले थे।
अपार्टमेंट के पास गली में कार खड़ी थी : बुधवार सुबह करीब पौने आठ बजे राहगीरों ने पुलिस को बताया कि रंग रसायन अपार्टमेंट के पास गली में सफेद रंग की कार में दो लोग खून से लथपथ हालत में पड़े हैं। मौके पर पुलिस पहुंची देखा कि कार की अगली सीट पर दोनों शव पड़े थे।
कार से ही लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद : खिड़की का शीशा तोड़कर शवों को बाहर निकालकर अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया गया। कार से ही डॉ. कुकरेजा की लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद हुई। इस आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि डॉ. कुकरेजा ने सुतापा की हत्या करने के बाद खुद को गोली मारकर जान दे दी होगी।
मौके से सुसाइडनोट नहीं मिला : पुलिस को कार से कोई सुसाइट नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि डॉ. कुकरेजा और सुतापा के बीच नजदीकी थी। वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि सुतापा डॉ. कुकरेजा से शादी करने का दबाव बना रही थीं। इस कारण उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। पुलिस अस्पताल के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है।
करीब 25 साल पहले डॉ. कुकरेजा समयपुर बादली में अपना क्लीनिक चलाते थे। तब ही सुतापा ने बतौर नर्स क्लीनिक पर नौकरी शुरू की थी। धीरे-धीरे डॉ. कुकरेजा ने क्लीनिक का विस्तार किया तो सुतापा का कद भी बढ़ता गया। वर्ष 2005 में डॉ. कुकरेजा ने रोहिणी सेक्टर-15 में अस्पताल खोल लिया। इसके बाद सुतापा ही इसका काम संभालने लगीं। वह एडमिन और फाइनेंस डिपार्टमेंट का कामकाम देखती थीं।
अस्पताल का पूरा काम संभालती थीं पुलिस की जांच के दायरे में पांच लोग हैं। इनमें डॉक्टर की पत्नी, बेटी और बेटा तथा महिला का बेटा व पति शामिल हैं, जिनसे पुलिस पूछताछ करेगी। दरअसल, दोनों इतने नजदीक थे कि अस्पताल में सुतापा डॉ. कुकरेजा के बाद नंबर दो की हैसियत से काम कर रही थी। उनका ज्यादातर समय भी अस्पताल में ही बीतता था। इनके बीच के राज को जानने के लिए पुलिस दोनों परिवार के इन पांचों सदस्यों से पूछताछ करेगी।