पैसा लेने पहुंच गए निवेशक, सड़क पर आ गया ज्वैलर
गुडविन ज्वैलर्स के बंद होने के बाद अब रसिकलाल सनकल चंद ज्वैलर्स बंद हो गई है. पूर्वी मुंबई स्थित रसिकलाल सनकल चंद ज्वैलर्स की शॉप 28 और 29 अक्टूबर को बंद रही. इसके बाद व्हाट्सऐप के जरिए ज्वैलरी शॉप बंद होने की सूचना वायरल होने लगी. मुंबई के घाटकोपर के रहने वाले जिन लोगों ने सोने और पोंजी स्कीम में पैसे लगाए थे, जब उनको इसकी जानकारी हुई, तो वो ज्वैलरी शॉप पहुंच गए. व्हाट्सऐप के जरिए भेजे जा रहे इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि रसिकलाल सनकल चंद ज्वैलर्स पर 300 करोड़ रुपये का कर्ज है. लिहाजा रसिकलाल सनकल चंद्र ज्वैलर्स के मालिक निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए हैं. इसके बाद 30 अक्टूबर को करीब 100 लोग ज्वैलरी शॉप पहुंच गए.
बताया जा रहा है कि जब निवेशकों के पहुंचने की जानकारी रसिकलाल सनकल चंद ज्वैलर्स के मालिक को मिली, तो वो भी वहां पर पहुंचे और निवेशकों को जेवर और सोना बांटा. घाटकोपर से बीजेपी विधायक पराग शाह ने बताया कि 30 अक्टूबर शाम को हालात तब बेकाबू हो गए, जब ज्वैलरी शॉप को फिर से बंद कर दिया गया. काफी संख्या में लोग ज्वैलरी शॉप के बाहर जमा हो गए और कानून व्यवस्था बिगड़ने लगी. इसके बाद रसिकलाल सनकल चंद ज्वैलर्स के मालिक को बुलाया गया और उससे बात की गई. इसके बाद ज्वैलर्स निवेशकों को जेवरात देने पर राजी हो गया.
बीजेपी विधायक पराग शाह ने बताया कि रसिकलाल सनकल चंद ज्वैलर्स गैर कानूनी तरीके से पोंजी स्कीमें चला रहा था. कुछ निवेशकों को जेवर मिल गए, जबकि कुछ निवेशकों को कुछ नहीं मिला. इसके बाद निवेशकों ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) का रुख किया और ज्वैलर्स के खिलाफ शिकायत दी. इस दौरान बीजेपी विधायक पराग शाह से कुछ लोगों ने पूछताछ भी की. कुछ निवेशकों ने यह भी सवाल किया कि आखिर पराग शाह ने कुछ निवेशकों को जेवर बंटवाने का फैसला किस अधिकार से लिया. निवेशकों का यह भी सवाल था कि जो लोग मौके पर पहुंच गए उनको जेवर बंटवा दिए गए, लेकिन जो निवेशक मौके पर नहीं पहुंचे, उनका क्या होगा? निवेशकों का कहना है कि इसका बंटवारा करने के लिए कानूनी व्यवस्था है, जिसके तहत ही गहनों का बंटवारा किया जाना चाहिए था. उनका कहना है कि निवेशकों में निवेश के प्रतिशत के हिसाब से बंटवारा किया जाना चाहिए था. पराग शाह और अन्य ने जो बंटवारा कराया, वो गैर कानूनी था. वहीं, पराग शाह ने जिन निवेशकों में जेवर बंटवाए, उन लोगों ने बीजेपी विधायक शाह का शुक्रिया अदा किया. वहीं, ज्वैलर्स ने व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए अफवाह फैलाने के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है. ज्वैलर्स का आरोप है कि व्हाट्सऐप मैसेज की वजह से उसका कारोबार जमीन पर आ गया. वहीं, निवेशकों की शिकायत पर अभी तक आर्थिक अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज नहीं की है.
