कुर्सी पर शिवसेना और BJP में आर-पार, फडणवीस बोले, पूरे 5 साल मैं ही CM रहूंगा

मुंबई : महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना में सियासी कलह चरम पर पहुंच गई है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सुबह दुष्यंत चौटाला के सहारे बीजेपी पर तंज कसा तो कुछ देर बाद ही बीजेपी ने दो टूक कह दिया कि मुख्यमंत्री का पद शेयर नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि हमारे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात की पुष्टि की है कि शिवसेना के साथ CM पोस्ट को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि अब तक कोई भी फॉर्म्युला तय नहीं हुआ है। 

फडणवीस ने आगे कहा कि शिवसेना ने अभी कोई डिमांड नहीं की है। अगर वे कोई मांग रखते हैं तो हम मेरिट के आधार पर देखेंगे। इससे पहले राउत ने बीजेपी पर तीखा तंज कसते हुए कहा था, 'यहां कोई दुष्यंत नहीं है, जिसके पिता जेल में हैं। यहां हम हैं जो धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं।' दरअसल, शिवसेना 50:50 फॉर्म्युले पर अड़ी हुई है। आपको बता दें कि इस बार बीजेपी और शिवसेना दोनों को 2014 की तुलना में कम सीटें मिली हैं। कुछ निर्दलीयों का भी समर्थन मिलने के बाद शिवसेना को लग रहा है कि वह दबाव बनाकर सरकार में टॉप पोस्ट हासिल कर सकती है। फडणवीस ने कहा, 'मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि बीजेपी की अगुआई वाली सरकार ही बनेगी।' उन्होंने कहा कि मैं और पांच साल के लिए मुख्यमंत्री रहूंगा। चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिवसेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था।

कल महाराष्ट्र बीजेपी ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसमें विधानसभा में पार्टी का नेता चुना जाएगा। अपने सहयोगी पर दबाव बनाने के लिए कल ही बीजेपी सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकती है। उधर, शिवसेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ सरकार बनाने में आ रही अड़चनों को दूर करने पर बात करने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मुंबई पहुंच रहे हैं। आपको बता दें कि 8 नवंबर तक नई सरकार का गठन होना है। माना जा रहा है कि शिवसेना से बात न बनने पर बीजेपी 2014 की तर्ज पर अल्पमत की ही सरकार बना सकती है, जिसके गठन के बाद सदन में बहुमत परीक्षण किया जाएगा। बीजेपी को उम्मीद है कि पिछली बार की तरह इस बार भी एनसीपी उसे समर्थन दे सकती है। शिवसेना मुख्यमंत्री के पद पर भी दावा कर रही है और उसका कहना है कि प्रत्येक पार्टी को ढाई वर्ष के लिए यह पद मिलना चाहिए। बीजेपी को इस प्रपोजल पर आपत्ति है। हालांकि, ऐसे संकेत हैं कि बीजेपी उपमुख्यमंत्री का पद शिवसेना को देने के लिए तैयार है।