पॉलीथिन न देने पर बेकरीकर्मी पर ईंट से हमला कर मार डाला
उत्तर पूर्वी दिल्ली के दयालपुर में प्रतिबंधित पॉलीथिन की थैली न देने पर ग्राहक ने दुकान के कर्मचारी पर ईंट से हमला कर दिया। घायल 45 वर्षीय खलील अहमद को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस आरोपी फैजान के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, खलील अहमद दयालपुर के नेहरू विहार गली की नंबर-5 में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा कासिम हैं। उसी गली में खलील के एक रिश्तेदार की बेकरी की दुकान है। खलील अहमद अपने बेटे कासिम के साथ बेकरी पर काम करते थे। 15 अक्तूबर की सुबह 10 बजे कासिम अपने पिता के साथ दुकान पर मौजूद था, तभी नेहरू विहार की गली नंबर-6 में रहने वाला 50 वर्षीय फैजान दुकान पर कुछ सामान लेने आया। उन्होंने कागज के पैकेट में पापे रखकर दे दिए। फैजान ने पापे रखने के लिए पॉलीथिन की थैली मांगी। खलील ने उसे बताया कि प्रतिबंध के कारण वह पॉलीथिन की थैली नहीं रखते हैं। इस पर फैजान गाली-गलौच करने लगा और पापे दुकान में फेंक दिए। उन्होंने फैजान को रुपये वापस कर दिए और वहां से जाने को कहा। आरोप है कि फैजान ने दुकान के बाहर पड़ी ईंट उठाकर खलील के मुंह पर दे मारी। घायल को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार उनकी मौत हो गई।
कासिम के अनुसार, आरोपी फैजान ने भागते समय जान से मारने की धमकी दी थी। वह दबंग किस्म का है, इसलिए परिवार को भी उसकी धमकी का डर सता रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पर्यावरण पर खतरे को देखते हुए 50 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन थैली के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली में कई विभाग पॉलीथिन का प्रयोग करते पाए जाने पर भारी जुर्माना वसूल रहे हैं। इसके चलते दुकानदारों ने पॉलीथिन रखनी छोड़ दी है। खलील की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोग सदमे में है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि इतनी मामूली बात पर आरोपी ने खलील को क्यों मार डाला। इसमें खलील की कोई गलती नहीं थी। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
