२०२० में शुरू होगी ‘हाइपरलूप’

मुंबई : सरकार की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं में से एक मुंबई-पुणे ‘हाइपरलूप’ परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत साल २०२० में होगी। सुपर सोनिक रफ्तार से मुंबई से पुणे के बीच २०० किमी की दूरी महज २५ मिनट में तय करना संभव होगा। फिलहाल इस दूरी को सड़क यातायात से तय करने में ४ घंटों का समय लग जाता है। हाइपरलूप परियोजना मुंबई में अंडरग्राउंड होगी जबकि मुंबई के बाहर एलिवेटेड होगी। वर्जिन हाइपरलूप इंडिया के डायरेक्टर (परिचालन) नौशाद ओमवीर का कहना है कि हम करीब दो साल से इस परियोजना पर काम कर रहे हैं। हाइपरलूप परियोजना का निर्माण कार्य अगले साल से शुरू हो जाएगा। हालांकि किस महीने में शुरू होगा इसकी उन्होंने स्पष्ट जानकारी अभी नहीं दी है।
बता दें कि हाइपरलूप परियोजना को दो चरणों में अमल में लाया जाएगा। पहला चरण ४ साल में पूरा किया जाएगा, उसके बाद दूसरा चरण अगले ४ साल में पूरा करने की योजना है। ओमवीर के अनुसार ये परियोजना मुंबई में अंडरग्राउंड होगी जबकि मुंबई के बाहर ये एलिवेटेड होगी। इस परियोजना का पहला चरण ११.८ किमी लंबा होगा और इसकी लागत ३,५५० करोड़ रुपए होगी। वर्जिन हाइपरलूप पहले चरण का निवेश डीपी वर्ल्ड दुबई के सहयोग से करेगी। दूसरे चरण की लागत ५७,००० करोड़ रुपए है।
हाइपरलूप तकनीक
हाइपरलूप ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित तकनीक है, जिसके अंतर्गत खंभों के ऊपर (एलिवेटेड) पारदर्शी ट्यूब बिछाई जाती है। इसके भीतर बुलेट जैसी आकार की लंबी सिंगल बोगी (पोड) हवा में चुंबकीय दबाव की मदद से तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है।