पीएमसी बैंक घोटाला : SC से नही मिली राहत

मुंबई : पीएमसी बैंक के ग्राहकों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट ने ने पीएमसी बैंक से नगदी निकालने पर भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से  लगाई गई रोक हटाने की मांग कर रहे पीएमसी खाताधारकों की याचिका पर सुनवाई करने से शुक्रवार को इंकार कर दिया। पीएमसी बैंक के ग्राहकों ने तुरंत राहत लेने के लिए  सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने कहाकि हम अनुच्छेद 32 (रिट अधिकार क्षेत्र) के तहत इस याचिका की सुनवाई नहीं  करना चाहते। याचिकाकर्ता उचित राहत के लिए संबंधित उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

एचडीआईएल के प्रवर्तक राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग को एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को 4,355 करोड़ रुपए के पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाले में प्रवर्तन  निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के विशेष न्यायाधीश पी राजवैद्य ने हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिडेट (एचडीआईएल) के  चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राकेश वधावन और उनके पुत्र को 22 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। दोनों को इस महीने की शुरुआत में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध  शाखा ने गिरफ्तार किया था।

घोटाले के कारण भारी वित्तीय संकट के साथ-साथ आरबीआई के प्रतिबंधों का सामना कर रहे पंजाब ऐंड महाराष्ट्र को- ऑपरेटिव बैंक के एक और अकाउंटहोल्डर मुरलीधर धारा की  शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत हो गई। इससे पहले इसी बैंक के दो और खाताधारकों संजय गुलाटी तथा फत्तेमल पंजाबी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो चुकी है,  जो बैंक में जमा अपने पैसों को लेकर बेहद चिंतित थे, जबकि एक महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर सूसाइड कर लिया था।

मृतक के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने मुरलीधर धारा के हार्ट की सर्जरी करने की सलाह दी थी, लेकिन आरबीआई की पाबंदी के कारण वे अपने पैसे पीएमसी बैंक से निकाल  नहीं पाए। मुरलीधर के बेटे प्रेम धारा ने कहा कि उनके पिता की मौत मुलुंड स्थित उनके घर पर हुई। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कुल 80 लाख रुपए बैंक में जमा हैं। हालांकि  पुलिस का कहना है कि मुरलीधर की मौत पीएमसी बैंक के संबंध में हुई है या किसी अन्य कारणों से इसकी जांच की जा रही है।