जलजमाव होने पर बेरोकटोक चलता यातायात
मुंबई : मुंबई में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई। पिछले ६५ वर्षों का रिकॉर्ड इस मॉनसून में बारिश ने तोड़ डाला। रिकॉर्ड तोड़ बारिश के चलते मुंबई की रफ्तार पर कई बार ब्रेक भी लग चुकी है। मुंबई थमे नहीं और इसकी रफ्तार तेज हो, इसको लेकर ही शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कोस्टल रोड की संकल्पना की थी। इस संकल्पना के तहत कोस्टल रोड का काम बीते वर्ष मनपा ने शुरू कर दिया। इसके बनने से शहर से पश्चिम उपनगर का सफर मुंबईकर बिना रोक-टोक कर सकते थे। केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लटका रखा था, अब कुछ लोग पर्यावरण के नाम पर इसे कोर्ट के माध्यम से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक को भी लेकर कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि इससे समुद्री जीवों पर असर पड़ेगा। अगर राजनीति और लोगों के विरोध के भंवर में यह परियोजनाएं फंसी नहीं होती और समय पर इसका काम शुरू हुआ होता तो बारिश में मुंबई जरा भी नहीं थमती।
बता दें कि इस वर्ष मॉनसून ने मुंबई में देरी से दस्तक दी। २५ जून को शुरू हुई बारिश ने बीते वर्षों के सभी रिकॉर्ड्स तोड़ डाले। २५ जून के बाद से मुंबई में समय-समय पर आसमानी कहर जारी रहा। इस मॉनसून में जुलाई और सितंबर माह में दो से तीन बार मुंबई थम सी गई। संयोग से तूफानी बारिश और समुद्र में ज्वार दोनों एक ही समय होने से सड़कों पर जलजमाव हो गया और बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाई। इस मॉनसून में आसमनी कहर से मुंबई में हुए विभिन्न हादसों में करीब ४० लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मुंबईकरों का मानना है कि अगर कोस्टल रोड और बांद्रा-वरली सी-लिंक परियोजना समय पर पूरी हुई होती तो शहर थमता नहीं और लोगों की जान भी नहीं जाती।
१५ दिन देरी से शुरू हुई बारिश ने सितंबर १५ तक ६५ वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मुंबई में औसतन बारिश २,५१४ मिमी होती थी जबकि इस मॉनसून में १५ सितंबर तक ३४५८.२ मिमी बारिश दर्ज की गई। वर्ष १९५४ में मुंबई में ३४५१.६ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इस मॉनसून में मुंबईकरों के लिए जुलाई जुल्मी भरी रही। जुलाई में पांच दिन बारिश का कहर औसत से ज्यादा रहा। एक से २ जुलाई इन २४ घंटों में ३७५.२ मिमी बारिश हुई। इसी तरह २२ जुलाई को २१९ मिमी और २३ और २४ जुलाई को इन २४ घंटों में १२२ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि २६ से २७ जुलाई इन २४ घंटों में मुंबई में २२० मिमी बारिश हुई। पहली जुलाई की बारिश ने ४५ साल का रिकॉर्ड तोड़ डाला था।
मुंबई में मॉनसून ने भले ही दस्तक देरी से दी हो लेकिन २८ जून से २ जुलाई तक मुंबई में तूफानी बारिश हुई। इन चार दिनों में ६२८ मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
अगस्त में भी बारिश की कुछ हद तक रफ्तार बनी रही। अगस्त में दो से तीन दिन तक बारिश औसतन १०० से २०० मिमी के बीच हो रही थी। तीन अगस्त से चार अगस्त इन २४ घंटों में ३४४ मिमी बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई।
मुंबईकरों के लिए जुलाई की बारिश जुल्मी साबित तो हुई थी लेकिन सितंबर माह में बारिश का सितम मुंबईकरों पर जारी था। ४ सितंबर को महज छह घंटे में २०६.६ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तीन सितंबर से पांच सितंबर तक इन ४८ घंटे में ४९१ मिमी बारिश मुंबई में दर्ज की गई। आठ सितंबर को ११९ मिमी और १८ से १९ सितंबर को ११२ मिमी बारिश उपनगर में दर्ज की गई। अब तक १००० मिमी बारिश सितंबर में हुई है।
कुर्ला, सायन, दादर, हिंदमाता, मालाड, चेंबूर, भायखला जंक्शन, सांरग रोड, होमीभाभा रोड, बांद्रा, मीठी नदी परिसर देवनार कॉलोनी, गोवंडी, प्रतीक्षानगर, खार सब-वे, मिलन सब-वे, एस.पी.रोड, वरली ऐसे मुंबई में २५० जगह जहां इस बार जलजमाव की स्थिति रही। सबसे ज्यादा जलजमाव की स्थिति बांद्रा, माहिम, विलेपार्ले इन इलाकों में इस बार हुई।
प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से कांदिवली तक २९ किमी का कोस्टल रोड बनाया जाएगा। समुद्र में बननेवाले इस २९ किमी के मार्ग की दूरी सिर्फ आधे घंटे में मुंबईकर तय कर सकेंगे। टोल मुक्त और सिग्नल मुक्त होने से इस मार्ग पर मुंबईकर बेरोकटोक सफर कर सकेंगे।
बांद्रा से वर्सोवा सी-लिंक के बीच करीब १७ किलोमीटर की दूरी मुंबईकर महज १० मिनट में तय कर कर सकेंगे। लेकिन इसे मैंग्रोव्स की कटाई के नाम पर कुछ लोग कोर्ट के पेंच में फांसे हुए हैं।
मुंबई में इस बार बारिश ने ६५ साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। इसके चलते दो जुलाई और एक सितंबर को मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा था। सड़क से लेकर रेल यातायात रुक सी गई।
