कांग्रेस लेटरबाजी, उर्मिला मातोंडकर अपना खत लीक होने से आहत
मुंबई : लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मुंबई कांग्रेस में लेटरबाजी का दौर शुरू हो गया है। मिलिंद देवड़ा ने लंबा पत्र लिख कर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मुंबई कांग्रेस के तमाम नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिख कर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया गया देवड़ा का इस्तीफा नामंजूर करने की गुहार लगाई। वहीं, उर्मिला मातोंडकर अपना लिखा खत लीक होने से आहत हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसने उर्मिला का खत लीक किया? उर्मिला की ओर से कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि राहुल गांधी के सम्मान में मिलिंद देवड़ा ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए क्योंकि मुंबई कांग्रेस को सक्षम नेतृत्व के लिए मिलिंद देवड़ा की जरूरत है। इस पत्र में लिखा गया है कि मिलिंद देवड़ा के मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ था और सभी लोग सकारात्मक दृष्टि से एकजुट होकर काम कर रहे हैं। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव भी मिलिंद देवड़ा के नेतृत्व में लड़ा जाना चाहिए। इसलिए देवड़ा का इस्तीफा अस्वीकार किया जाए। प्रदेश प्रभारी को लिखे गए इस पत्र पर पार्टी के तमाम पूर्व और विद्यमान विधायकों, सांसदों, नगरसेवकों, संगठन पदाधिकारियों और सचिवों के हस्ताक्षर हैं। निरुपम खेमे से कोई नहीं
खास बात यह है इस पत्र में मुंबई कांग्रेस में निरुपम के करीबी माने जाने वाले नेताओं, पदाधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं। बता दें कि मिलिंद देवड़ा और निरुपम के बीच का मतभेद मनभेद की सीमा तक पहुंच गया है। देवड़ा के इस्तीफा देने के बाद से दोनों तरफ से ट्विटर पर खूब तंजकशी हो चुकी है।
मुंबई उत्तर सीट से कांग्रेस के टिकट पर हाल में लोकसभा चुनाव हारने वालीं अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को लिखा गया उनका पत्र गोपनीय था और इसका लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि देवड़ा को लिखा उर्मिला का पत्र किसने लीक किया और यह मीडिया तक किसने पहुंचाया? उर्मिला ने एक बयान में कहा, ‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुप्त संवाद वाला गोपनीय पत्र सार्वजनिक कर दिया गया।’ उन्होंने स्वीकार किया कि हर राजनीतिक दल में ऐसे विवाद होते हैं, जिन्हें सुलझाने की जरूरत होती है। वह किसी निजी अजेंडे के बिना कांग्रेस में शामिल हुई हैं और उनका लक्ष्य देश की सेवा करना है। बता दें कि संजय निरुपम ने परोक्ष हमले में उर्मिला का पत्र सार्वजनिक करने के लिए देवड़ा को जिम्मेदार ठहराया है। उर्मिला ने देवड़ा को भेजे पत्र में, चुनाव प्रचार के दौरान मुंबई के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष निरुपम के करीबी सहयोगियों संदेश कोंडविलकर और भूषण पाटील के आचरण की आलोचना की थी।
